155वीं स्वामी विवेकानंद जंयती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस कार्यक्रम का आयोजन

ग्वालियर. लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान(एलएनआईपीई) स्वामी विवेकानंद के 155वीं जयती के अवसर पर राष्टीय युवा दिवस व अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एलएनआईपीई के कुलपति प्रो. दिलीप कुमार डुरेहा व एलएनआईपीई कुलसचिव विशिष्ट अतिथियों में प्रो. विवेक पांडे, प्रो. एस मुखर्जी, प्रो. मनोज चतुर्वेदी व डॉ मनोज अवस्थी रहें।

कार्यक्रम के आरंभ में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. डुरेहा व सभी विशिष्ट अतिथियों ने स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रजवलन कर कार्यक्रम का शुभांरभ किया। समारोह में इसके उपरांत मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. डुरेहा सहित सभी अन्य विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया गया। समारोह में बतौर वक्ता आमंत्रित प्रो. मनोज चतुर्वेदी ने स्वामी विवेकानंद के जीवन व संदेशों से छात्रों कोे परिचित कराया। प्रो. मनोज ने छात्रों को एनएसएस के बारे में संक्षिप्त जानकारी प्रदान की। अपने व्याख्यान में प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि एलएनआईपीई में आज से एन.एस.एस की शाखा आंरभ हो रही हैं इसके लिए कुलपति प्रो. डुरेहा बधाई पात्र हैं। एन.एस.एस 1969 से भारत में लागू हुई जिसका उददेश्य समाज में व्यापत बुराईयों व कुरितियों को समाप्त व नियंत्रण करने से हैं। हम जानते हैं कि हमारे समाज में एक समय था जब छुआछुत, जातिगत हीनभावना, कार्यो को लेकर हीन भावना जैसे कई गलत धारणाएं थी एन.एस.एस आप सभी को ऐसे अनुभवों से परिचित कराएगा जिससे कि आप गलत विचारों से दूर हो व बेहतर इंसान बन सकें। एनएसएस व्यक्ति में सामुहिक सहयोग, समानता, सकरात्मक विचार व व्यक्तित्व के विकास में सहायक होता है। सेवा भावना अर्थात अगर समाज में कहीं कोई आपदा, विपत्ति आएं तो पहली पंक्ति में खडे होकर समाज का सेवा करना। रक्तदान, देहदान, श्रमदान जैसी कई तरह की सेवाएं हमारे छात्र करते हैं। प्रो. चतुर्वेदी के व्याख्यान का अंत जय जगत, जय जगत, जय जगत पुकारे जा गीत के साथ हुआ।
नौजवान आओ रे नौजवान गाओ रे गीत के साथ डॉ अवस्थी ने अपने व्याख्यान को समाप्त किया। कार्यक्रम के अंत में कुलपति प्रो. डुरेहा का संबोधन हुआ जिसमें कुलपति प्रो. डरेहा ने सभी अतिथियों का संस्थान में स्वागत व धन्यवाद किया। मेरे लिए आज प्रसन्नता का दिन हैं कि एनएसएस के स्थापना का यह 50 वां वर्ष हैं और हमारे संस्थान में आज इसकी नई शाखा का आंरभ हुआ। हम अपने यहां उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाडि़यों व छात्रांे को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें सम्मानित करते हैं तथा नगद राशि भी बतौर ईनाम देते हैं। मुझे पूरी उम्मीद हैं कि हमारे छात्र एनएसएस में भी अच्छा करेंगे व देश में इस शाखा का नाम ऊंचा करेंगे। समारोह में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गौरव सनौत्रा, प्रो. एमके सिंह, प्रो. विल्फ्रेड वॉज, अन्य आचार्य गण तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहें।

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