उप्र में सपा और बसपा के बीच गठबंधन का ऐलान

लखनऊ. समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश और बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कहा 25 वर्ष बाद सपा और बसपा का गठबंधन बना है। उत्तरप्रदेश की जनता बीजेपी से दुखी हो गई है इसलिए हमने गठबंधन कर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है जिससे किसी भी कीमत पर भाजपा को केंद्र या राज्य की सत्ता पर आने से रोका जा सके। मायावती ने कहा कांग्रेस के समय घोषित इमरजेंसी लगी थी जबकि बीजेपी के राज्य में अघोषित इमरजेंसी लगी हुई है। सपा और बसपा गठबंधन केंद्र में बीजेपी को नहीं आने देगा।
गठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं किया
मायावती ने कांग्रेस को शामिल न करने पर कहा हमने गठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं किया है। कांग्रेस पार्टी को हम जैसी पार्टियों से अच्छा लाभ मिलता है लेकिन हम जैसी पार्टियों को इसका लाभी नहीं मिल पाता। हमारा वोट प्रतिशत कम होता जाता है। हमारी पार्टी कांग्रेस पार्टी की तरह किसी भी अन्य ऐसी पार्टी से मिलकर चुनाव नहीं लड़ेगी जिससे हमारा नुकसान हो।
लोकसभा चुनावों में महागठबंधन के स्वरूप पर चर्चा की
लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सपा, बसपा गठबंधन में सीट बंटवारे का ऐलान होगा। अखिलेश यादव और मायावती एक दूसरे से गर्मजोशी से मिले। दोनों ने एक दूसरे को गुलदस्ता देकर स्वागत किया हाल ही में दोनों दलों के नेताओं ने दिल्ली में मुलाकात कर लोकसभा चुनावों में महागठबंधन के स्वरूप पर चर्चा की थी।
सपा और बसपा की योजना 37, 37 सीटों पर चुनाव लड़ने की
उप्र में लोकसभा की 80 सीटों में से सपा और बसपा की योजना 37, 37 सीटों पर चुनाव लड़ने की है इसके अलावा राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) को भी दो या तीन सीटें देने की चर्चा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की सीट अमेठी और सोनिया गांधी की सीट रायबरेली पर महागठबंधन अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगा।

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