एसएएफ पुलिस मप्र पुलिस की रीड़ की हड्डी है इस का नाम रोशन करें-विजय यादव

ग्वालियर. एसएएफ मध्यप्रदेश की पुलिस की रीड़ की हड्डी है अपनी बर्दी की इज्जत को ध्यान में रखकर एसएएफ का सिपाही अपने घरों से दूर रहकर अनुशासन में रहकर ईमानदारी के सबसे कठिन ड्यूटी को अंजाम देते हैं आपने जो परेशानी मुझे बताई हैं मैं इन परेशानियों का समाधान करने का प्रयास करूंगा। आपको मैस में डाइट मिल रही है वह ठीक नहीं है मुझे डॉक्टरों मिली जानकारी के अनुसार जो डाइट आपको वर्तमान में मिल रही उससे आपको डायबिटीज और ब्लडप्रेशर जैसी बीमारियां बढ़ रही है। इसलिये हम डाइट सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। यह उद्गार सिकन्दरकंपू स्थित 13वीं बटालियन परिसर में आयोजित एसएएफ पुलिस कर्मियों के दरबार में बतौर मुख्य अतिथि एडीजी एसएफ विजय यादव संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर स्वागत भाषण आईजी एसएफ योगेश देशमुख और आभार डीएसपी महेन्द्र छारी ने दिया।
नई जिम्मेदारी मिली एसएफ एडीजी की
गुरूवार की रात शताब्दी एक्सप्रेस ग्वालियर आये एडीजी विजय यादव ग्वालियर पहुंचे, उन्होंने सबसे पहले 2वीं बटालियन में कार्यालय के रखरखाव और कामकाज के तरीके का अवलोकन किया, इसके बाद 13 वीं बटालियन कार्यालय, परेड मैदान और सामुदायिक भवन का निरीक्षण किया। इस मौके पर एसएस आईजी योगेश देशमुख, डीआईजी संजयकुमार, कमाण्डेंट हिमानी खन्ना, कमाण्डेंट छारी, उप कमाण्डेंट योगेश्वर शर्मा आदि साथ मौजूद थे।
एसएस पुलिस कर्मियों के दरबार में सुनी समस्यायें
सिकन्दर कंपू स्थित बटालियन में एसएस पुलिस कर्मियों के दरबार में पहुंचे एडीजी एसएफ विजय यादव पहुंचे जहां आईजी योगेश देशमुख पुष्प गुच्छ से स्वागत किया एक आरक्षक ने गुहार की मैं भवन निर्माण के दौरान मैं तीसरी मंजिल से गिर गया था जिससे मैरा सात माह भर्ती रहा लेकिन मुझे आज दिनांक तक मेडीकल बिल का भुगतान नहीं हुआ। उन्होंने इस मौके पर आश्वासन दिया आपका भुगतान हो जायेगा।
एक आरक्षक ने सभी लोगों की ओर ऑनलाईन मेडीकल बिल आवेदन करने में परेशानी आ रही है। एडीजी बोले समय बदल रहा है आपको वक्त के हिसाब से ढलना होगा, प्रक्रिया में कहीं कोई परेशानी आ रही है तो दूर किया जायेगा। आरक्षक गिर्राज धाकड कहा कि हम 1986 से कोई प्रमोशन नहीं मिला तो एडीजी तपाक से बोले बालाघाट जाओंगे आपको कल ही प्रमोशन देता है तो दरबार में सन्नाटा छा गया।
आरक्षक ने सवाल दागा तो कि जहां पर कंपनी होती वहीं ड्यूटी ली जाये तो इस बोले एडीजी यह नीतिगत मामला है।
एक आरक्षक ने कहा कि मैंने पीए के कहने पर पेड़ काट दिया तो मुझे सजा दी गयी तो मुझे प्रमोशन वंचित रखा गया है तो हाईकोर्ट की शरण में चला गया तो हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी प्रमोशन नहीं मिला है। एडीजी ने कहा कि काफी समय से प्रमोशन रूके हुए है अब अनुमान है कि यह प्रतिबंध मई जून तक हटने की संभावना है तब इस पर विचार किया जायेगा।
इस्पेक्टर अशोक नेवलिया ने प्रश्न उठाया कि हमें वर्तमान में कर्मचारी स्वास्थ्य योजना का लाभ एक ही अस्पताल में मिल रहा है हम चाहते है कि सहारा, सिम्स, ग्लोबल से मिलने लगे तो सभी पुलिस कर्मियों का इस योजना का लाभ मिल पायेगा । एडीजी ने कहा प्रस्ताव तैयार कर भेजिये इस विचार करेंगे। इस मौके पर मुनेन्द्र भदौरिया, प्रतिभा त्रिपाठी, लाखनसिंह आदि प्रश्न किये ।

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