मप्र में कर्जमाफी के प्रस्ताव पर मुहर, 55 लाख किसानों को होगा लाभ

भोपाल. शनिवार को सीएम कमलनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में फैसला किया गया कि किसानों का 1 अप्रैल 2017 से 12 दिसंबर 2018 तक का कर्ज माफ किया जाएगा साथ ही 26 जनवरी तक 3 तरह के फॉर्म सभी राष्ट्रीयकृत, सहकारी और ग्रामीण बैंकों में उपलब्ध कराए जाएंगे और 5 फरवरी तक ग्रामी पंचायतों में ये फॉर्म बांटे जाएंगे।
सीमांत और लघु किसानों को शामिल किया
कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्री जीतू पटवारी ने बताया कि इसमें सीमांत और लघु किसानों को शामिल किया गया है। कर्ज माफी योजना पर अमल के लिए विकास खंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिम्मेदार होंगे। 22 फरवरी से ऋण मुक्ति के प्रमाण पत्र दिए जाएंगे और किसानों के खाते में पैसा भेजा जाएगा।
22 फरवरी से खाते में पैसा दिया जाएगा और ऋण मुक्ति के प्रमाण पत्र बांटे जाएंगे
26 जनवरी से किसानों को किसी एक रंग का फॉर्म भरना होगा। हरा फॉर्म आधार से लिंक किसानों के लिए होगा, सफेद फॉर्म बिना आधार संख्या वाले किसानों के लिए होगा लेकिन इन्हें पहचान पत्र के तौर पर कोई दूसरा दस्तावेज देना होगा और गुलाबी फॉर्म उन किसानों के लिए होगा जिनके पास ना तो आधार है ना ही कोई अन्य पहचान का दस्तावेज उन्हें भी कर्जमाफी में शामिल किया जाएगा इसके बाद 5 फरवरी तक ग्राम पंचायतों में ये फॉर्म बांटे जाएंगे। 22 फरवरी से किसानों के खाते में पैसा दिया जाएगा और ऋण मुक्ति के प्रमाण पत्र बांटे जाएंगे।
यह फैसले भी हुए कैबिनेट में
ग्वालियर व्यापार मेला में रोड टैक्स पर 50 प्रतिशत छूट का प्रस्ताव मंजूर।
12 से 15 हजार करोड़ रुपए के प्रथम अनुपूरक बजट पर चर्चा हुई।
समाजिक सुरक्षा पेंशन 300 से 100 रुपए करने पर विचार। इस पर 1200 करोड़ रुपए हर साल का खर्च अनुमानित।
संबल योजना के तहत हितग्राही को 1 रुपए/यूनिट की दर से 100 यूनिट तक बिजली देना प्रस्तावित।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

users online