डोकलाम विवाद के बाद पहली मिले भारत और चीन के रक्षामंत्री निर्मला सीतारण, सैन्य सहयोग पर बनी सहमति

नई दिल्ली. भारत और चीन ने सैन्य सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। रक्षामंत्री निर्माला सीतारमण और चीन के रक्षामंत्री वेंग फेंघ के बीच गुरूवार को यहां 2 घंटे तक चली बैठक में यह फैसला लिया गया। डोकलाम विवाद के बाद दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की यह पहली द्विपक्षीय बैठक थी।
दोनों देशों ने डोकलाम जैसे टकराव से बचने के लिए सेना के बीच बातचीत का संवाद शुरू करने पर सहमति जताई। रक्षा मंत्रालय के अनुसार प्रस्तावित हॉटलाइन सेवा भी जल्द शुरू करने पर सहमति बनी। सशस्त्र बलों के बीच प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास, अन्य पेशेवर बातचीत और संबंधों का विस्तार करने का फैसला किया गया। दोनों पक्षों ने रक्षा आदान प्रदान और सहायोग पर 2006 में हुए समझौते की जगह एक नया द्विपक्षीय समझौता करने का भी निर्णय लिया।
चीन और पाक कॉरिडोर पर भारत की आपत्ति
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार सीतारमण ने चीन और पाक आर्थिक कॉरिडोर के मुद्दे पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई उन्होंने कहा कि यह रास्ता पाक के कब्जे वाले कश्मीर से गुजरात है। यह भारत संप्रभुता का हनन है। इसके अलावा सीमा पार आतंकवाद के कारण भारत की चुनौतियों, अफगानिस्तान में शांति.स्थिरता, दक्षिण चीन सागर में परिवहन जैसे मुद्दों पर भी दोनों नेताओं की चर्चा हुई।
जिनपिंग और मोदी के फैसलों को लागू करना मकसद
ऐसा बताया गया है कि इस मुलाकात का मुख्य मकसद चीन के वुहान में पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई अनौपचारिक मुलाकात में किए गए फैसलों को लागू करना था। 27.28 अप्रैल को मोदी चीनी शहर वुहान में शी जिनपिंग से मिले थे। यहां अनौपचारिक बैठक में दोनों नेताओं के बीच डोकलाम विवाद के चलते खराब हुए द्विपक्षीय संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की बात हुई थी। भारती और चीन बॉर्डर पर डोकलाम इलाके में दोनों देशों के बीच 16 जून 2017 से 28 अगस्त 2017 तक टकराव चला था। हालात काफी तनावपूर्ण हो गए थे। बाद में अगस्त में यह टकराव खत्म हुआ और दोनों देशों में सेनाएं वापस बुलाने पर सहमति बनी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

users online