वॉट्सएप ने मैसेज सोर्स बताने किया इंकार, केन्द्र सरकार बना रही नये नियम

नई दिल्ली. केन्द्र सरकार ने वाट्सएप से मैसेज का सोर्स बताने के लिये कहा है लेकिन वाट्सएप कंपनी ने मैसेज सोर्स बताने से इंकार कर दिया है कंपनी के प्रवक्ता ने कहा है कि इससे प्रायवेसी प्रोटेक्शन की नीति का कोई मतलब नहीं रह जायेगा। अब सरकार इंटरनेट और सोशल मीडिया कंपनियों के लिये नये नियम बनाने जा रही है। इसका ड्राफ्ट लगभग तैयार कर लिया गया हे। सितम्बर में गाइडलाइन्स जारी होने की संभावना है। फेक न्यूज से होने वाली मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं से निपटने के लिये केन्द्र सरकार ने वॉट्सएप से कहा था कि वह ऐसी तकनीक विकसित करें कि जिससे मैसेज भेजने वाले की पहचान हो सके। वॉट्सएप को दो बार नोटिस भेजकर भी पूछा गया कि फेक न्यूज रोकने के लिये उसने क्या कार्यवाही की है।
ड्राफ्ट तैयार हो रहा है नये नियम का
क्ंपनी को फेक न्यूज या अफवाहों की शिकायत पर महज घंटों में एक्शन लेना होगा।
गलत सूचनायें फैलाने वाले को ट्रेस करके सरकार को जानकारी देनी होगी।
उन अधिकारियों के नाम सार्वजनिक करने होंगे जिन्हें शिकायतें भेजी जा सकेगी।
कंपनियों को आपत्तिजनक कंटेंट अभी 36 घंटे के में हटाना होता है, यह समय काफी कम किया जायेगा। (हालांकि कंपनियों अभी तक 36 घंटे के नियम का भी पालन नहीं कर रही है इसे लेकर जो शिकायतें होती हैं, उन पर कार्यवाही की जबावदेही भी तय नहीं है। नियम न मानने वाली कंपनियों को फिलहाल प्रतिबंध लगाने का इरादा नहीं है।

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