पर्यटकों को केदारनाथ लाने की तैयारी कर रही उत्तराखंड सरकार

देहरादून.उत्तराखण्ड सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिये अब विंटर टूरिज्म पर काम कर रही है यानि की जिन क्षेत्रों में बर्फवारी होती है उन इलाकों में पर्यटकों को लाने की तैयारी कर रही है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के साथ साथ स्कीइंग के लिये विश्व प्रसिद्ध औली और दयारा बुग्याल में सर्दियों के मौसम में टूरिस्टों को लाने की कोशिश एक बार फिर शुरू हो गयी है।
केदारनाथ -बद्रीनाथ में 6 माह तक कपाट बन्द रहते हैं
बद्रीनाथ.केदारनाथ और गंगोत्री.यमुनोत्री में 6 महीने तक कपाट बंद हो जाते हैं । लेकिन इस दौरान यहां जबरदस्त बर्फबारी होती है, जो विंटर टूरिज्म का बड़ा आधार बन सकता है, गर्मियों के सीजन में जब चार धाम यात्रा चलती है तो करीब 25 से 30 लाख लोग भगवान के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन कपाट बंद हो जाने के बाद यहां सन्नाटा पसर जाता है। तमाम स्थानीय लोग और ग्रामीण अपने स्थानों से पलायन करके निचले क्षेत्रों में रहने के लिए चले जाते हैं।

यूरोप की पूरी अर्थव्यवस्था विंटर टूरिज्म पर
सरकार का मानना है कि सर्दियों के कुछ माह अर्थव्यवस्था में जान डालने के लिये काफी अहम है। यूरोप की पूरी अर्थव्यवस्था विंटर टूरिज्म पर आधारित है। इसके लिये अब उत्तराखण्ड भी तैयार हो सकता है। हालांकि विंटर टूरिज्म के लिये जैसा बुनियादी ढांचा होना चाहिये उसे खड़ा करने में अच्छा खासा समय और पैसों की जरूरत होती है।

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