अटल जी की अस्थि कलश यात्रा में उमड़ा जनसमूह, लाड़ले सपूत को दी पुष्पांजलि

ग्वालियर अपने लाड़ले सपूत पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व अटल बिहारी वाजपेयी को श्रृद्धा.सुमन अर्पित करने पूरा ग्वालियर शहर उमड़ पड़ा। शहर के जिस.जिस मार्ग से अटल जी की अस्थि कलश यात्रा गुजरी, वहाँ अपार जनसमूह ने पुष्पवर्षा कर तथा ‘‘जब तक सूरज चाँद रहेगा, अटल तुम्हारा नाम रहेगा’’ जैसे नारे लगाकर उन्हें श्रृद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी अस्थि कलश यात्रा में शामिल हुए।
स्व. अटल जी का अस्थि कलश लेकर उनकी दत्तक सुपुत्री श्रीमती नमिता भट्टाचार्य व भानजे एवं सांसद अनूप मिश्रा, दामाद रंजन भट्टाचार्य व पौत्री सुश्री निहारिका सहित अटल जी के अन्य परिजन अस्थि कलश लेकर बुधवार को विशेष विमान से ग्वालियर पहुँचे।
विमानतल से शुरू हुई अस्थि कलश यात्रा दीनदयालनगर, पिंटो पार्क तिराहा, गोला का मंदिर, रेसकोर्स रोड़, स्टेशन बजरिया, राजा मानसिंह तिराहा, तानसेन रेसीडेंसी तिराहा, राजमाता चौराहा, एजी ऑफिस ब्रिज, माधवनगर गेट, चेतकपुरी तिराहा, जीवाजी क्लब, अचलेश्वर, इंदरगंज, दाल बाजार, नया बाजार, हुजरात पुल, दौलतगंज, बाड़ा, सराफा, डीडवाना ओली, गस्त का ताजिया, राम मंदिर, फालका बाजार, भारत टॉकीज रोड़, शिंदे की छावनी चौराहा, दीनदयाल मॉल रोड़ होते हुए फूलबाग मैदान पर पहुँची।
मुख्यमंत्री चेतकपुरी तिराहे से शामिल हुए
मुख्यमंत्री विमानतल पर पहुँचने के बाद सीधे अस्थि कलश यात्रा में शामिल होने पहुँच गए। अटल जी के अस्थि कलश पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद अस्थि कलश यात्रा के साथ फूलबाग मैदान पर पहुँचे। उनके साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह भी अस्थि कलश यात्रा में शामिल होने पहुँचे थे।
उन गलियों में भी पहुँची यात्रा, जिनसे अटलजी आत्मीय रूप से जुड़े रहे
अस्थि कलश यात्रा उस नया बाजार से भी गुजरी जहाँ तो दौलतगंज में भी गई जहाँ पर चाची रामदेवी चौहान, की मंगोड़े की दुकान है। इसी तरह उस फालका बाजार का रास्ता भी अस्थि कलश यात्रा ने तय किया, जहाँ सन्नूलाल की नमकीन की दुकान है। जग जाहिर है अटल जी को बहादुरा के लड्डू, चाची के मंगोड़े और सन्नू का चिवड़ा खासे पसंद थे। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी अटल जी ग्वालियर से ये व्यंजन मंगाया करते थे। अटल जी की अस्थि कलश यात्रा जब इन मार्गों से होकर गुजरी तो ऐसा लगा मानो ये गलियां अपने लाड़ले सपूत को हेर रही हैं। इसी तरह मेले की सूनी दुकानें मानो अटल जी के अस्थि कलश को निहार रही थीं। घरों की छतों पर एवं सड़क मार्ग के दोनों ओर खड़े अपार जनसमूह ने पुष्प वर्षा कर अटल जी को श्रृद्धांजलि अर्पित की।
मानो आसमां भी अश्रुपूरित श्रृद्धांजलि दे रहा हो
अस्थि कलश यात्रा के दौरान आसमान से झर रहीं बूंदें देखकर ऐसा लग रहा था कि मानो आसमान भी अटल जी को अश्रुपूरित श्रृद्धांजलि अर्पित कर रहा है। बुधवार को सुबह से ही घने बादल छाए थे और दिनभर रूक.रूककर बारिश का क्रम जारी रहा। दोपहर लगभग 12.30 बजे के बाद बारिश थम गई। मगर जैसे ही अस्थि कलश यात्रा शहर से गुजरी तो आसमान से हल्की.हल्की फुहार गिरने लगी।

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