डीआरडीई की प्रदर्शनी -प्रदूषण के बढ़ने से चिंतित है बच्चे, छात्र-छात्राओं ने प्रदूषण कम करने के लिये तैयार किये मॉडल

ग्वालियर. देशभर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर बच्चे कितने चिंतित हैं इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है। डीआरडीई द्वारा लगाई गयी विज्ञान प्रदर्शनी में 18 स्कूलों के बच्चों ने भाग लिया है इसमें अधिकतर बच्चों ने देश को प्रदूषण मुक्त करने के लिये कैसे प्रदूषण को रोका जाये इसी लेकर बच्चों ने मॉडल प्रदर्शित किये हैं। मिट्टी और पानी का संरक्षण, इलेक्ट्रॉनिक्स जलने के दौरान निकलने प्रदूषण को रोक कर प्रदूषण को इंक बनाई जायेगी और छात्र-छात्रायें अपने पढ़ने लिखने में उपयोग करेंगे। यह मौका था डीआरडीई द्वारा लगाई विज्ञान प्रदर्शनी 2018 के उद्घाटन समारोह का, इस प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि डीआरडीई के डायरेक्टर डीके दुबे ने प्रदर्शनी का शुभारंभ कर बच्चों द्वारा बनाये गये मॉडल के संबंध में जानकारी ली।
इन स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया
दिल्ली पब्लिक अकादमी स्कूल, सैन्ट्रल अकादमी स्कूल, ग्वालियर ग्लोरी स्कूल, दून पब्लिक स्कूल, केन्द्रीय विद्यालय नम्बर 2 ग्वालियर, मिसहिल स्कूल, डीपीएस मालनपुर, ऋषिगालव पब्लिक स्कूल, नेशनल चिल्ड्रन स्कूल, विद्या भवन पब्लिक स्कूल, नवयुग चिल्ड्रन हायर सेकेण्डरी स्कूल, सिंधिया कन्या विद्यालय, बीएसएफ स्कूल टेकनपुर, रामश्री इन्टरनेशनल स्कूल, भारतीय विद्या मंदिर, आर्मी पब्लिक स्कूल, रामकृष्ण विद्या मंदिर, लिटिल ऐजिंल्स स्कूल, प्रगति विद्यापीठ, केन्द्रीय विद्यालय नम्बर 4 और एएमआई शिशु मंदिर स्कूल के छात्र-छात्राओं ने लगभग माह से व्यस्त थे मॉडल बनाने में।
विद्या भारती एयरफोर्स स्कूल ने तैयार किया इनसेनेरेटर
इलेक्ट्रोनिक्स के कचरे को जलाकर नष्ट कर सकते हैं और इसलिये यह मॉडल प्रदूषण कम करने में मददगार साबित होगा इनसेनेरेटर से बचने अवशेष से इंक तैयार की जायेगी जो कि लिखने के काम आयेगी।

डीपी अकादमी ने बनाया वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
डीपीए के छात्रों ने वर्षा का पानी बेकार न हो इस सिस्टम से वर्षा का पानी बचाया जा सकता हैं। इस मॉडल को श्रेया प्रभाष, निकिता बिजौलिया की टीम ने तैयार किया है।
सैन्ट्रल एकादमी स्कूल ने तैयार किया प्रदूषण नियंत्रक
जलते पोलिथीन से पेट्रोल में बदलेंगे और बाद में गाडि़यों में इसका उपयोग किया जायेगा। प्रदूषण को रोकने के लिये टाईटेनियम डाय ऑक्साईड का उपयोग कर वायु प्रदूषण से मुक्त किया जा सकता है। इस मॉडल को अभय शर्मा, शिवम सिंह आदि की टीम ने मिलकर मॉडल तैयार हैं।
सिंधिया कन्या वि़द्यालय की छात्राओं ने कन्जर्वेशन ऑफ नेचुरल रिर्सोसेस प्लांट बनाया
इस सिस्टम के माध्यम से मिट्टी, पानी, हवा और ऊर्जा को सुरक्षित रखने में यह मॉडल कामयाब होगा और ड्रिप ऐरीगेशन के अलावा गन्दे पानी को सीवरेज ट्रीटमेंट करके इस पानी को नदियों में डालना चाहिये। छात्राओं को इस मॉडल को तैयार करने में लगभग एक माह का समय लगा है।

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