नगरनिगम के खिलाफ डकैती की एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे भारत स्काउट एवं गाइड के पदाधिकारी

ग्वालियर. जब सुबह कार्यालय पहुंचे तो दरवाजे पर ताले लटके देखकर मानो ऐसा लगा कि डकैत सामाना चुराकर भाग गये और दरवाजे पर ताला लटका गये लेकिन कार्यालयीन स्टाफ ने जांच पड़ताल की और तालों पर लगी सील देखी तो पता चला कि नगर निगम का मदालखत दस्ता सामान निकाल कर अपने साथ ले गया और दरवाजे पर ताला लटका कर गायब हो गये उन्होंने कार्यालयीन स्टाफ को खबर भी नहीं की आपको बता दें यह पूरा मामला महाराज बाड़ा स्थित गोरखी महल परिसर में स्थित भारत स्काउट एवं गाइड कार्यालय हैं जब आक्रोशित भारत स्काउट के पदाधिकारी कोतवाली थाने में नगरनिगम के खिलाफ डकैती की एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे।
क्या है पूरा मामला
महाराज बाड़ा स्थित गोरखी महल परिसर में स्थित भारत स्काउट एवं गाइड कार्यालय में स्मार्ट सिटी योजना के तहत नगर निगम अण्डरग्राउण्ड पार्किंग बनाना चाहता है और ऊपर की मंजिलों में मार्केट बनाना प्रस्तावित हैं इस योजना को लेकर संभागायुक्त समक्ष दो बार बैठकें हो चुकी है। लेकिन बैठक में यह तय हुआ था कि हम पहले आपको बिल्डिंग के बदले बिल्ंिडग उपलब्ध करायेंगे इसके बाद आपको यहां से हठायेंगे लेकिन कुछ नहीं हुआ बल्कि भारत स्काउट एवं गाइड की अनुपस्थिति में नगर निगम के पूरा सामन भरकर ढोलीबुआ स्थित नगर निगम के वर्कशॉप में लेजा कर पटक दिया।
भारत स्काउट एवं गाइड क्या है
आपको बता दें कि मध्यभारत के समय सिंधिया राजवंश ने 1932 में गोरखी परिसर स्थित भवन में स्थापित करवाया था उस समय का मुख्यालय ग्वालियर के इस कार्यालय में हुआ करता था। यह एक अंर्तराष्ट्रीय संस्था हैं भारत स्काउट एवं गाइड छा़त्र-छात्राओं को स्वावलम्बी बनाने के साथ प्राकृतिक आपदाओं के समय फंसे लोगों को बचाने का काम करता है। वृक्षारोपण, अनुशासन में रहने और धर्म निरपेक्षता से देश की सेवा करने की सीख एवं प्रशिक्षण दिया गया।
भारत में स्काउटिंग.गाइडिंग
लार्ड बेडेन पावेल की पुस्तक‘स्काउटिंग फॉर ब्वॉयज’  का प्रभाव विश्व के अन्य देशों के साथ.साथ भारत पर भी पड़ा। जिसके फलस्वरूप भारत में भी स्काउटिंग शुरु करने का प्रयास किया जाने लगा। 1910 में भारत में स्काउटिंग के शुरू होने पर इसमें केवल अंग्रेज तथा एंग्लो इण्डियन बच्चों को ही एंट्री दी जाती थी। 1913 में पं श्रीराम वाजपेयी ने शाहजहांपुर में भारतीय बच्चों के लिए स्काउटों का एक स्वतंत्र दल खोला। साल 1913 में एक के बाद एक दल खुलने लगे। 1916 में पूना में लड़कियों को भी पहली बार गर्ल स्काउट (गाइड) बनने का मौका मिला।
1916 में ही डा एनी बेसेंट ने मद्रास में ‘इण्डियन ब्वॉयज स्काउट एसोसिएशन’  की नींव रखी। सन् 1917 में पंडित मदन मोहन मालवीय ने पं हृदयनाथ कुंजरू और पं श्रीराम वाजपेयी के सहयोग से इलाहाबाद में ‘अखिल भारतीय सेवा समिति  ब्वॉयज स्काउट एसोसिएशन’ की स्थापना कर दी। सन् 1920 तक तो भारत में स्काउटिंग के कई स्वतंत्र संगठन बन चुके थे।
क्या क्या ले गये निगम के अधिकारी
सुबह 11 बजे भारत स्काउट एवं गाइड के पदाधिकारियों ने कोतवाली थाने में पहुंच कर आवेदन दिया कि निगम के अधिकारी हमारे कार्यालय का ताला तोड़कर 5 लाख रूपये की छात्र-छात्राओं की यूनीफॉर्म, लगभग 20 हजार नगद कैश, 2 वाटर कूलर, 2 कम्प्यूटर, साहित्य और 5 बक्से जिनमें सामान भरा हुआ था कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे भाजपा नेता और नगरनिगम के पूर्व सभापति लालजी जादौन, स्काउट कमिश्नर विनय अग्रवाल, प्रदीप गर्ग, गैसू राजावत, आशा सिंह, शंकुतला तोमर आदि ने पहुंच कर आवेदन देते हुए आरोप लगाया कि यह तो सरासर डकैती है एफआईआर दर्ज की जाये।

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