अचलेश्वर ट्रस्ट की आड़ में राजनीति चमका रहे पदाधिकारी

ग्वालियर. ट्रस्ट पदाधिकारी के 2 अलग अलग खेमे एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं ताजा मामला श्रद्धालुओं द्वारा अचलेश्वर महादेव को किए गए दान है। व्यवस्थापक सचिव सृष्टि शिवहरे की माने तो मंदिर का दान पत्र कबाड़खाने में खुला मिला जिससे हजारों रुपए की गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। इस आरोप को ट्रस्ट के अध्यक्ष हरिदास अग्रवाल ने मंदिर को बदनाम करने की साजिश बताया है। अग्रवाल का कहना है कि व्यवस्थापक सचिव द्वारा लगातार मनमर्जी की जाती है इतना ही नहीं उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दो दिन पहले हुए अचलनाथ के अन्नकूट में बिना कूपन के लोगों को व्यवस्थापक सचिव द्वारा प्रसादी के पैकेट बांटे गए और कूपन लेने वालों को प्रसादी मिली ही नहीं।
दो गुटों के बीच वर्चस्व की जंग
अचलेश्वर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के बीच मचा यह घमासान खुद का वर्चस्व कायम करने के लिए किया जा रहा है। असल में ट्रस्ट के अंदर पदाधिकारियों के अलग अलग गुट है। एक गुट न्यास के वरिष्ठ पदाधिकारियों को है जबकि दूसरा व्यवस्थापक सचिव का। दोनों ही गुट एक दूसरे के विचारों को दरकिनार करते है। ऐसे में विवाद की स्थिति खड़ी हो जाती है। खास बात यह है कि व्यवस्थापक सचिव का समर्थन महेंद्र भदाकरिया द्वारा किया जाता है। श्री भदकारियां ने कुछ दिनों पहले मंदिर के निर्माण कार्या में 3 करोड़ का घपला होने का भी आरोप ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर लगाया है।

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