2 हफ्ते में सीवीसी करे वर्मा और अस्थाना की जांच-सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली. सीबीआई में जारी घमासान सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। कामकाज छीने जाने के खिलाफ सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की 3 जजों वाली पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिए कि 2 हफ्तों में सीवीसी, आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना पर जांच पूरी करे। यह जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज एके पटनायक की निगरानी में होगी।
कोर्ट ने आलोक वर्मा पर कोई फैसला नहीं दिया लेकिन नागेश्वर राव को लेकर कहा है कि वो जांच पूरी होने तक कोई भी नीतिगत फैसला नहीं ले पाएंगे। राव केवल रूटिन काम ही कर सकेंगे दूसरी तरफ सर्वोच्च न्यायालय ने सीवीसी, केंद्र और राकेश अस्थाना को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
कोर्ट ने नागेश्वर राव से यह भी कहा है कि 23 अक्टूबर से लेकर अब तक किए गए फैसलों की जानकारी एक बंद लिफाफों में कोर्ट के सामने पेश करें। मामले में अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी। आपको बता दें कि अपनी याचिका में आलोक वर्मा सीबीआई को सरकार की दखलअंदाजी से मुक्त किए जाने ही गुहार लगाई थी लेकिन उन्हें इससे राहत नहीं मिली है और अगली सुनवाई तक वह अपने दफ्तर में नहीं जा सकेंगे।
सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच चल रहे घमासान और एक दूसरे पर लगाए गए आरोपों को देखते हुए सरकार ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की सिफारिश पर मंगलवार की देर रात वर्मा से सीबीआई निदेशक का कामकाज वापस ले लिया और उनकी जगह संयुक्त निदेश एम नागेश्वर राव को सीबीआई निदेशक का कामकाज सौंप दिया था। वर्मा ने सरकार के इसी कदम को सर्वेच्च न्यायालय में चुनौती दी है।

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