अस्पताल में डॉक्टर को लात घूंसों से पिटाई और पुलिस देखती रही

भिंड. जिला अस्पताल में खून की कमी होने पर भर्ती एक महिला की मौत से गुस्साए परिजन ने रात को इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. आरके अग्रवाल के चेंबर में घुसकर लात घूसों से पीटा। परिजनों डॉक्टर पर स्टूल, टेबल, कुर्सी फेंक फेंकर मारते रहे। अस्पताल में मौजूद एसएएफ का बंदूकधारी गार्ड आया और डॉक्टर को पिटता देखकर लौट गया। इसके बाद आरोपियों ने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड की खिड़कियां तोड़ते हुए एक घंटे तक हंगामा किया।
4 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
रात 11.45 बजे हुई इस मारपीट व हंगामे की पूरी वारदात जिला अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पीडि़त डॉक्टर्स ने इस मामले में 4 अज्ञात लोगों के खिलाफ सिटी कोतवाली में मारपीट, सरकारी काम में बाधा सहित मप्र चिकित्सा सुरक्षा अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई है।
ग्वालियर के लिए रेफर 108 एंबुलेंस का इंतजाम, 10 मिनट में सुषमा की मौत
सुषमा पत्नी सुबोध भदौरिया नबादा बाग के परिजन डॉ. आरके अग्रवाल के पास आए और सुषमा की तबियत खराब होने की बात कहीं। डॉ. अग्रवाल ने सुषमा का चेकअप कर उन्हें ग्वालियर के लिए रेफर कर दिया। परिजन 108 एंबुलेंस का इंतजाम कर रहे थे तब तक 10 मिनट में सुषमा की मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजन डॉक्टर अग्रवाल के चेबर में घुसे और लात, घूसों और चांटों से पीटना शुरू कर दिया।
डॉक्टर अग्रवाल को पीटते हुए देखा गार्ड बृजकिशोर लौट गया
महिला सहित 3 अन्य लोग डॉक्टर को पीटते रहे और डॉक्टर सिर्फ अपने बचाव में सिर व चेहरे को छुपाते रहे। जिस समय डॉक्टर के साथ मारपीट की जा रही थी तब वहां ड्यूटी पर तैनात सशस्त्रस एसएएफ गार्ड बृजकिशोर हंगामा सुनकर कमरे में आया उसने वहां मौजूद लोगों को डॉक्टर अग्रवाल को पीटते हुए देखा और लौट गया। जब अटेंडेंट डॉक्टर को पीट पीटकर थक गए जब उन्होंने इमरजेंसी वार्ड की खिड़कियां में तोड़फोड की और एक घंटे तक जमकर हंगामा किया।

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