टिकट मिलने से पहले ही हुए सपने चकनाचूर

ग्वालियर. कांग्रेस ने विधानसभा प्रत्याशियों की सूची अभी जारी नहीं की है लेकिन टिकट मिलने से पहले ही कई दावेदारों के सपने चकनाचूर हो गए है। दावेदारों की सबसे लंबी सूची दक्षिण विधानसभा की थी इसलिए सबसे ज्यादा झटका दक्षिण के दावेदारों को ही लगा है। टिकट के दावेदारों को जब पता लगा कि चुनाव अभियान समिति के प्रमुख सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया दावेदारों से वन टू वन चर्चा करने वाले हैं तो उनकी उम्मीदें परवान चढ़ गई लेकिन सिंधिया के यहां से जब कोई बुलावा नहीं आया तो उम्मीदवारी कर रहे कई कांग्रेसियों को जोर का झटका धीरे से लगा है।
दक्षिण विधानसभा
यहां से पूर्व नेता प्रतिपक्ष सुधीर गुप्ता, पूर्व पार्षद आनंद शर्मा, बलराम ढींगरा, अलबेल घुरैया, हरीपाल, कांशीराम देहलवार, बालखांडे टिकट मांग रहे थे लेकिन सिंधिया ने इनमें से किसी को भी दावेदार नहीं मानते हुए बुलाया ही नहीं जिससे इनको मायूसी हाथ लगी है। सिंधिया के साथ सभाओं में प्रचारक रहे प्रेमसिंह कुशवाह का नाम भी दावेदारों की सूची में नहीं था।
ग्वालियर विधानसभा
इसी तरह उपनगर ग्वालियर में सिर्फ 3 लोगों को बुलाया गया जिसमें प्रदेश सचिव सुनील शर्मा, पूर्व विधायक प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक शर्मा। इसके अलावा वीरेंद्र तोमर भी स्वंय को दावेदार बताते हुए माउथ पब्लिसिटी कर रहे थे। इंटक नेता राजेंद्र नाती एवं 4 बार निरत्नर पार्षद चुनते आ रहे नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष कृष्णराव दीक्षित के नाम भी दावेदारों में शुमार था लेकिन इनमें से किसी को भी नहीं बुलाया गया।
ग्वालियर पूर्व विधानसभा
यहां से महलगांव निवासी संजय शर्मा जो आजकल हर कार्यक्रम में सक्रिय नजर आ रहे थे तथा सुरेंद्र परमार, रूपेश यादव, बालखांडे का नाम भी दावेदारों में शुमार माना जा रहा था लेकिन इन्हें भी नहीं बुलाया गया।
ग्वालियर ग्रामीण
पूर्व विधायक रामवरन सिंह गुर्जर आपराधिक प्रकरण के चलते कोर्ट द्वारा आपराधिक प्रकरण कायम होने के चलते चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित हो चुके है लेकिन उसके बाद भी उन्हें दावेदारों में बुलाया गया। इसी तरह पूर्व विधायक मदन कुशवाह ग्वालियर ग्रामीण और दक्षिण विधानसभा दोनों जगह से दावेदारी ठोक रहे हैं।

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