दशहरे पर बड़ा रेल हादसा, ट्रेन की चपेट में आने से 70 की मौत

अमृतसर. दशहरा पर रावण दहन के दौरान मची भगदड़ के कारण ट्रेन की चपेट में आने से कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में कई महिलाएं व बच्चे हैं। हादसा शुक्रवार की देर शाम लगभग 7.30 बजे जोड़ा फाटक में रावणदहन कार्यक्रम के दौरान हुआ। दशहरा मैदान के पास ही जोड़ा फाटक है। रावण दहन देखने के लिए लोग जोड़ा फाटक तक खड़े हुए थे। रावण का अधजला पुतला गिरने से आयोजन स्थल पर भगदड़ मच गई। लोग दशहरा मैदान से भागे और रेल पटरी की तरफ दौड़े। इसी दौरान पठानकोट से अमृतसर आ रही डीएमयू ट्रेन की चपेट में आ गए। जब तक लोग संभलते साथ लगते ट्रैक पर दूसरी ट्रेन भी आ गई और इसकी चपेट में आ गए। घटनास्थल पर रेलवे व पुलिस प्रशासन के आला अफसर पहुंचे हैं।
त्यौहारों के मौके पर आरपीएफ जवानों को नहीं मिलेगा अवकाश
बचाव कार्य जारी है घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। पंजाब सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए 5-5 लाख रुपये के मुआवजे का घोषणा की है। भीषण हादसे पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पीएम नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक जताया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लोग जलते हुए पुतले की वीडियो बना रहे थे। पटाखों के शोर में उन्हें ट्रेन के आने की आवाज नहीं सुनाई दी। प्रशासन के अनुसार मरने वालों की संख्या 80 तक पहुंच गयी है। हादसे के बाद मची अफरातफरी व लोगों के अंग रेल ट्रैक पर इधर उधर बिखरे होने के कारण अभी ज्यादा कुछ कहा नहीं जा सकता है।
रावणदहन कार्यक्रम के बाद अचानक रावण का पुतला लड़खड़ाता हुआ गिर गया और उसकी चिंगारियां भीड़ की तरफ निकलने लगी। इससे बचने के लिए वहां लोगों में भगदड़ मच गई।
भगदड़ के दौरान बचने के लिए रेलवे ट्रेक की तरफ भागे लेकिन इसी दौरान सामने से आ रही ट्रेन भीड़ पर चढ़ गई जब तक लोग संभल पाते तब तक ट्रेन कई लोगों को काल का ग्रास बना चुकी थी।
हादसे के बाद चली गई मुख्य अतिथि नवजोत कौर सिद्धू
हादसा स्थल जोड़ा फाटक अमृतसर के पूर्वी विधानसभा क्षेत्र में पड़ता है। जोड़ा फाटक के पास पार्षद विजय मदान के पुत्र सौरभ मदान द्वारा यह दशहरा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। इसमें मुख्य अतिथि पूर्व मुख्य संसदीय सचिव डॉ. नवजोत कौर सिद्धू थी। ऐसा बताया जा रहा है कि हादसे के बाद वह वहां से गायब हो गई।

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