मप्र में मतदाता सूची की जांच से सुप्रीम कोर्ट का इंकार, कांग्रेस को लगा झटका

नई दिल्ली/भोपाल. मध्य प्रदेश और राजस्थान में चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। कांग्रेस ने मांग की थी कि दोनों राज्यों की मतदाता सूची में गड़बड़ी है और इसकी समीक्षा होना चाहिए। सर्वोच्च अदालत ने याचिका खारिज कर दी।
मध्य प्रदेश की मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों के साथ प्रदेशअध्यक्ष कमलनाथ ने याचिका लगाई थी। वहीं राजस्थान में भी ऐसी ही मांग करते हुए सचिन पायलट ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग पूरी निष्ठा के साथ काम कर रहा है और मतदाता सूची को लेकर किसी तरह की जांच की जरूरत नहीं है। कमलनाथ ने यह मांग भी की थी कि उन्हें मध्यप्रदेश की वोटर्स लिस्ट टेक्स्ट फॉर्मेट में उपलब्ध कराई जाए। कोर्ट ने यह करते हुए इस मांग को खारिज कर दिया कि यह व्याव्हारिक नहीं है।
कमलनाथ ने चुनाव आयोग पर लगाए थे ऐसे आरोप
इससे पहले हुई सुनवाई में चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप को लेकर कांग्रेस ने फर्जी दस्तावेज पेश किए हैं। इसका जवाब देते हुए कमलनाथ ने कहा था चुनाव आयोग पहले यह बताए कि उनकी शिकायत पर 24 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए या नहीं। शिकायत के दौरान आयोग द्वारा किसी भी राज्य को टेक्स्ट प्रारूप में मतदाता सूची दिए जाने की स्थिति में हमें भी उसी तरह की सूची उपलब्ध कराए जाने का आश्वासन दिया था लेकिन आज तक उस प्रारूप में मतदाता सूची नहीं मिली है। नाथ ने कहा था कि चुनाव आयोग ने राजस्थान में टेक्स्ट प्रारूप में ही मतदाता सूची दी है।

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