राम वन गमन पथ की धार्मिक यात्रा से भाजपा का दुर्भावनापूर्ण राजनीतिक प्रतिशोध-शोभा ओझा

भोपाल पुराने लंका आश्रम, चित्रकूट धाम के प्रमुख ट्रस्टी पंडित हरिशंकर शुक्ल के नेतृत्व में चित्रकूट से शुरू हुई राम वन गमन पथ यात्रा जो शुद्ध रूप से धार्मिक व गैर राजनैतिक यात्रा थी, का रथ कल 9 अक्टूबर को डिण्डोरी जिले के शाहपुरा में भाजपा नेताओं के दबाव और झूठी शिकायत के आधार पर पुलिस ने जप्त कर थाने में खड़ा कर दिया है। शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में भगवान श्रीराम का रथ विगत् 2 अक्टूबर को चित्रकूट से रवाना हुआ था। श्रीराम रथ सती अनसुइया, गुप्त गोदावरी, हनुमान धारा, कामदगिरी, स्फटिक शिला, शरभंग आश्रम, अश्वमुनी आश्रम, सुतीक्षण आश्रम, सिद्धा पहाड़ और सीता रसोई होते हुए सेमरिया, बिहरा, कोटल सतना पहुंची। सतना से माधवपुर, सज्जनपुर रामपुर से अमरपाटन, रीवा, चुरहट, ब्यौहारी, जयसिंह नगर होते हुए शांतिपूर्ण ढंग से ब्यौहारी पहुंची। इसके बाद अन्य धार्मिक स्थलों से होते हुए उमरिया, शहडोल और 9 सितम्बर को डिण्डोरी होते हुए रात्रि में शाहपुर पहुंची। रास्ते में कहीं कोई बाधा या धार्मिक उन्माद जैसा वातावरण कहीं नहीं दिखा बल्कि रास्ते भर गांव वालों, श्रद्धालुओं और संत समाज ने भक्तिपूर्ण तरीके से रथ का स्वागत किया।
शाहपुरा में रात्रि विश्राम के दौरान पुलिस पंडित हरिशंकर शुक्ल सहित सभी रथ यात्रियों को थाने ले गई, वहां पर मौजूद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने भाजपा के दबाव में मप्र के नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को आहत करते हुए भगवान राम के प्रति धार्मिक आस्थाओं के साथ कुठाराघात किया। भाजपा का अब यह स्तर हो गया है कि वे भगवान राम से भी राजनैतिक प्रतिशोध लेना चाहती है। भाजपा ने राम वन गमन पथ की शुद्ध धार्मिक यात्रा को रूकवाकर भगवान राम का जो रथ थाने में जप्त कराया है, उससे प्रदेश की जनता की भावनाओं को ठेस पहुंची है। सही मायने में भाजपा और उनके नेताओं के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने का मुकद्मा दर्ज किया जाना चाहिए। रथ को जप्त कर भाजपा नेताओं ने रथ यात्रा निकाल रही धर्म प्रेमी जनता के खिलाफ भी पीपुल्स रिप्रेजेंटेशन एक्ट की धारा 123, 125 और आईपीसी 188 के तहत दबाव बनाकर मुकद्मा दर्ज कराया है।
जो धाराएं आरोपित की गयी हैं, उनमें प्रमुख रूप से भ्रष्ट आचरण, लोगों के बीच धार्मिक नफरत फैलाना, आईपीसी का उल्लंघन आदि हैं। क्या भारतीय जनता पार्टी के लिये भगवान राम के प्रति आस्था व्यक्त करना भ्रष्ट आचरण, धार्मिक दुर्भावना और धर्म के आधार पर नफरत फैलाना है।
दुर्भाग्य की बात है कि भगवान राम के प्रति आस्था रखने वाले मध्यप्रदेश के नागरिकों के साथ भी भाजपा ने राजनीतिक द्वेषपूर्ण व्यवहार किया है। ज्ञातव्य है कि यात्रा के दौरान कहीं कोई अप्रिय घटना विगत् नौ दिनों के दौरान नहीं हुई। रथ में साधु.महात्मा भी विराजमान हैं। उसमें रास्ते भर कीर्तन भजन.पूजन चल रहा है। रथ में एक भव्य झांकी बनायी गयी है, जिसमें भगवान राम का दर्शन और पूजन करने का लाभ निवासियों को मिल रहा है। रामायण का पाठ और भजन हो रहा है। यह यात्रा उन स्थानों से होकर गुजर रही है जिन स्थानों से भगवान राम वनवास के दौरान मुध्यप्रदेश से गुजरे थे। भगवान राम के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा ने भगवान राम को भुला दिया और इस क्षेत्र में पिछले 11 सालों से मुख्यमंत्री ने घोषणा के बाद भी कोई विकास कार्य नहीं किया। भगवान श्रीराम के रथ को थाने में जरूर बैठा लिया।

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