हर शख्स में छिपे हैं महात्मा गांधी- राजागोपाल पीवी

ग्वालियर ’महात्मा गांधी अब कोई एक व्यक्ति मात्र नहीं रहा, वो एक विशेष कौम बन चुके हैं। जो भी सद्भावना, सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह से अपने सामाजिक सरोकारों में योगदान दे रहे हैं, वह गांधी है। समाज में निःस्वार्थ भाव से अच्छा काम करने वाला हर शख्स गांधी है। हर व्यक्ति के अंदर एक छोटा सा गांधी है लेकिन उसे हमने सुला रखा है। उसे जगाया जा सकता है तो सिर्फ सत्य, अहिंसा और सद्भाव की भावना से, जो पूरे समाज के लिए वरदान बन सकता है। जब पाकिस्तान में मुस्लिम समुदाय में इन्हीं गुणों के साथ न्याय व सामाजिक सद्भाव की भावना से बादशाह खान, फ्रंटियर गांधी के रूप में पहचान बना सकते हैं, बेहतर कार्य कर सकते हैं तो हम क्यों नहीं! हमें सोचना होगा, आगे बढ़ना होगा। अहिंसा के लिए भी पर्याप्त कार्य करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही अगर आप ज्ञानी हैं तो सिर्फ ज्ञानी होना ही पर्याप्त नहीं बल्कि उसका सही उपयोग करना भी आवश्यक है। अन्यायपूर्ण समाज में हिंसा की संभावना बढ़ जाती है, ऐसे में हमें अन्याय के खिलाफ खड़ा होना चाहिए तब तक जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय न मिल जाए। ’
युवा पीढ़ी से यह आह्वान कर रहे थे जाने-माने अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता राजगोपाल पीवी, जो आईटीएम यूनिवर्सिटी द्वारा 150वीं गांधी जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित गांधी उत्सव के अंतर्गत आयोजित बादशाह खान स्मृति व्याख्यान को सम्बोधित कर रहे थे। आईटीएम यूनिवर्सिटी की तरफ से सीमांत गांधी खान अब्दुल गफ्फार खान की स्मृति में बादशाह खान स्मृति अलंकरण-द्वितीय से सम्मानित किया गया। सम्मान स्वरूप उन्हें शॉल, श्रीफल, अलंकरण पत्र व एक लाख रूपए राशि दी गई। कार्यक्रम के दौरान राजगोपाल पी वी ने गांधीजी के जीवन आदर्शों के उदाहरण देकर युवाओं से भी समाज व देश के बेहतर विकास के लिए उन्हें अपनाने को कहा।
इससे पूर्व महात्मा गांधीः मिथ वर्सेस रियालिटीज पर डॉ अरविंद दुबे विशेष प्रस्तुति दी। उन्होंने अपनी प्रजेंटेशन के जरिए उन बिंदुओं पर प्रकाश डाला, जिनके बारे में समाज में भ्रामकता व्याप्त है लेकिन गांधीजी की वास्तविकता उनसे बेहद अलग है। इसके बाद सोपान जोशी द्वारा लिखित ’बापू की पाती’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
यूनिवर्सिटी परिसर स्थित मधुलिमये सभागार में अंर्तविश्वविद्यालयीन स्तरीय गांधी प्रश्नोत्तरी का फाइनल राउंड भी रखा गया। जिसमें क्विज मास्टर शशि के झा ’अव्यक्त’ ने सवाल किए। प्रश्नोत्तरी के बाद सभी कॉम्पटीशन के विजेता प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार वितरण समारोह भी आयोजित किया गया। इसमें स्वराज टीम प्रथम, सत्याग्रह टीम द्वितीय, सत्य टीम तृतीय व अहिंसा टीम को सांत्वना पुरस्कार दिए गए।
कार्यक्रम में राजागोपाल की पत्नी जिल कार हेरिस, जर्मनी से आए डॉ जूनियस, डॉ सुशांत, विधायक केके सिंह, आईटीएम यूनिवर्सिटी के चांसलर रमाशंकर सिंह, प्रो चांसलर रूचिसिंह चौहान, मैनेजिंग डायरेक्टर दौलत सिंह चौहान, वाइस चांसलर डॉ केके द्विवेदी, रजिस्ट्रार ओमवीर सिंह सहित आईटीएम यूनिवर्सिटी, आईटीएम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स व आईटीएम ग्लोबल स्कूल के विभाग प्रमुख, फैकल्टीज व स्टूडेंट्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जयंत तोमर ने किया।

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