भारतीय सेना ने मार गिराये 15 पाकिस्तानी सैनिक

राजौरी. भारत ने एक बार फिर सर्जिकल स्ट्राइक कर पाकिस्तान से अपने जवान के साथ हुई बर्बरता का बदला ले लिया है। इस बार सर्जिकल स्ट्राइक के लिए जम्मू व राजौरी जिले के बीच नियंत्रण रेखा पर केरी उप सेक्टर को चुना गया। यह ऑपरेशन भारतीय सेना की स्पेशल फोर्स व सीमा सुरक्षा बल के विशेष कमांडो ने मिलकर किया। भारतीय टुकड़ी ने पाकिस्तानी क्षेत्र में दाखिल होकर कई बंकर तबाह कर लगभग 15 पाकिस्तान सैनिकों को ढेर कर दिया।
नियंत्रण रेखा पर केरी उपसेक्टर को चुना गया, यह ऑपरेशन भारतीय सेना की स्पेशल फोर्स व सीएमा सुरक्षा बल के विशेष कमाण्डों ने संयुक्त रूप से किया । भारतीय टुकड़ी ने पाकिस्तानी क्षेत्र में प्रवेश कर कई बंकर तबाह कर लगभग 15 पाक सैनिकों को मार गिराया। पाक के खिलाफ यह कार्यवाही पहली सर्जिकल स्ट्राइक की दूसरी वर्षगांठ से ठीक पहले गुरूवार को की गयी है। हालांकी इसकी सेना या सीमा सुरक्षा बल ने पुष्टि नहीं की है। लेकिन पिछले शुक्रवार को केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने एक बयान में यह जरूर स्पष्ट कर दिया था कि 2-3 पूर्व भारत ने अपने जवानों की मौत का बदला ले लिया है। लेकिन कहां यह उन्होंने नहीं बताया था। जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार 19 सितंबर को पाक की बैट एक्शन टीम ने हमला करके सीमा सुरक्षा बल के हेड कांस्टेबल नरेंद्र कुमार को शहीद कर दिया था। शहीद के पार्थिव शरीर को देखकर कहा जा सकता था कि उन्हें यातनाएं देकर शहीद किया गया है। इसके बाद ही सेना व सीमा सुरक्षा बल को बदला लेने का आदेश मिल गया था।
ऐसे दिया सर्जीकल स्ट्राइक अंजाम
राजौरी जिले की सुदरबनी तहसील से लगभग 15 किमी मल्ला क्षेत्र में रविवार की रात की सेना के 2 हेलीकॉप्टर कमाण्डों की टुकडी को उतारने के बाद वापिस रवाना हो गये। इसी रात ठोस रणनीति बनाकर कमाण्डों केरी बटल क्षेत्र से पाक क्षेत्र में दाखिल हुए । एक घंटे से भी कम समय में पाक सेना के कई बंकर तबाह करने व लगभग 15 पाकिस्तानी सैनिकों को ढेर करने के बाद भारतीय जांबाज सुरक्षित अपने क्षेत्र में लौट गये, इस कार्यवाही के बाद सेना, सीमा सुरक्षा बल या सरकार की ओर से कोई बयान जारी नहीं हुआ है। लेकिन इतना कहा जा रहा है कि हमने कड़ी कार्यवाही की है।
पहली सर्जीकल स्ट्राइक 28 सितम्बर 2016 में हुई थी
पाक आतंकियों ने 18 सितम्बर 2016 को कश्मीर के उड़ी में सैन्य मुख्यालय पर हमला कर लगभग 20 सैनिकों को शहीद कर दिया था। उसके बाद 28 सितम्बर की देर रात को भारतीय सेना ने नौशहरा के कलाल सेक्टर के सामने मेंढर के तत्तापानी सेक्टर के सामने सर्जीकल स्ट्राइक कर कई आतंकियों को मौत के घाट उतारने के साथ ही कई आतंकियों के कैम्पों को तबाह कर दिया था।
टंगडार में घुसपैठ नाकाम भारत ने दिया कड़ा जवाब
उत्तरी कश्मीर में नियंत्रण रेखा के साथ सटे टंगडार (कुपवाड़ा) सेक्टर में शनिवार शाम को पाकिस्तानी सैनिकों ने संघर्ष विराम का उल्लंघन कर आतंकियों की घुसपैठ करवाने का प्रयास किया, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम बना दिया। इस दौरान पाक ने भारतीय सैन्य व नागरिक ठिकानों को भी निशाना बनाया। भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना को भी भारी नुकसान पहुंचा है। पाकिस्तानी सैनिकों ने शाम को टंगडार सेक्टर के करनाह सब सेक्टर में सदपोरा और दानी गांव और इसी क्षेत्र में स्थित सैन्य चौकियों पर ताबड़तोड़ गोलाबारी शुरू कर दी। भारतीय जवानों ने पहले संयम बनाए रखा, लेकिन जब गोलाबारी की तीव्रता बढ़ी तो उन्होंने भी जवाबी फायर शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों तरफ से शुरू हुई गोलाबारी देर रात तक जारी रही। सेना के प्रवक्ता राजेश कालिया ने बताया कि टंगडार में सीमा पार से घुसपैठ नाकाम बना दी गई है। पाक गोलाबारी का भारतीय सेना ने भी कड़ा जवाब दिया है।

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