सरकारी जमीन इधर भू-माफियाओं के कब्जे मुक्त उधर सरकारी कार्यालय को जमीन देने की कार्यवाही शुरू, नाला भी मुक्त

ग्वालियर. जिला प्रशासन की कार्यवाही से बोस्टन कॉलेज से सिरोल गांव की जाने वाला एक नया रास्ता मिल गया हे। यहां पर आपको बता दें कि भू-माफियाओं ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर के सरसों और गेंहू की फसल उगा रही थी। यहां रास्ते के अलावा जिला प्रशासन की टीम ने लगभग 5 बीघा सरकारी जमीन भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराई है। इस सरकारी जमीन की कीमत लगभग 20 करोड़ रूपये आंकी गयी है। इस कार्यवाही की भू माफियाओं के आलावा मौके पर मौजूद सभी सिरोल गांव के लोग प्रशंसा करते सुनाई दे रहे थे।
सरकारी जमीन को भू-माफियाओं के कब्जे मुक्त कराने के मौके पर एसडीएम अनिल बनवारिया, तहसीलदार शिवानी पांडे, आरआई होतमसिंह यादव, शिवदयाल शर्मा, पटवारी केके वर्मा, रामलखनसिंह गुर्जर, रीना शर्मा, ज्योति साहू, अमरसिंह कुशवाह, अजय राणा, रामेन्द्र भदौरिया आदि लोग मौजूद रहें।
इनका था कब्जा सरकारी जमीन पर
बोस्टन कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज के अखिलेश पांडे द्वारा सर्वे नम्बर 87/525 रकबा 0.010 और 87/526 में रकबा 0.105 खाल खद्दर, सर्वे नम्बर 88 रकबा 0.084 रास्ता है, सर्वे नम्बर 89 रकबा 0.0846 रामनाथ सिंह, बीरबल पुत्र खेमराजसिंह गुर्जर निवासी ग्राम सिरोल, सर्वे नम्बर 90 रकबा 0.146 जसवंत सिंह पुत्र भंवरसिंह निवासी ग्राम सिरोल।
नाला भी कराया मुक्त
भू- माफियाओं ने नाले की जमीन पर कब्जा कर लिया था जिसका सर्वे नम्बर 86 था आपको बता दें वर्षा के दिनों में अक्सर पानी भर जाता है जिला प्रशासन को फायर ब्रिगेड बुलावा कर पानी निकलवाना पड़ता था।
सरकारी कार्यालय को जमीन देने की कार्यवाही शुरू
जैसे सरकारी जमीन भू माफियाओं के कब्जे से मुक्त वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन की टीम ने सरकारी कार्यालय के निर्माण के लिये सर्वे नम्बर 89 की 4 बीघा जमीन देने की कार्यवाही शुरू कर दी है। आगामी एक सप्ताह में यह सरकारी जमीन कार्यालय के निर्माण के लिये विभाग को सुपुर्द कर दी जायेगी। अभी यह कार्यालय पीडब्ल्यूडी के भवन में जर्जर हालत में हैं।

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