कलयुग में कथा सुनने मात्र से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता हैः दंदरौआ सरकार

ग्वालियर। श्रीमद भागवत कथा श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। जहां अन्य युगों में धर्मै लाभ एवं मोक्ष प्राप्ति के लिए कड़े प्रयास करने पडते हैं, कलयुग में कथा सुनने मात्र से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। सोया हुआ ज्ञान वैराग्य कथा श्रवण से जाग्रत हो जाता है। कथा कल्पवृक्ष के समान है, जिससे सभी इच्छाओं की पूति की जा सकती है। यह बात आज फूलबाग मैदान में श्रीमद् भागवत कथा के लिए हुये भूमिपूजन कार्यक्रम में दंदरौआ सरकार श्री श्री 1008 रामदास जी महाराज ने अतिथि की आंसदी में कही।
भूमिपूजन के अवसर पर अतिथि संत कृपाल सिंह जी महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही प्राणी का कल्याण संभव है। कथा की सार्थकता जब ही सिद्ध होती है जब इसे हम अपने जीवन में व्यवहार में धारण कर निरंतर हरि स्मरण करते हुए अपने जीवन को आनंदमय, मंगलमय बनाकर अपना आत्म कल्याण करते हैं। अन्यथा कथा केवल ‘मनोरंज’, कानों के रस तक ही सीमित रह जाएगी।
न्यास के मुख्य संरक्षक डॉ. सतीशसिंह सिकरवार ने कहा कि भागवत कथा से मन का शुद्धिकरण होता है। इससे संशय दूर होता है और शांति व मुक्ति मिलती है। बच्चों को संस्कारवान बनाकर सत्संग कथा के लिए प्रेरित करें। भगवान की कथा के दर्शन हर किसी को प्राप्त नहीं होते, कलियुुग में भागवत साक्षात् श्रीहरि का रूप है। मनुष्य के जीवन में प्राणि मात्र के लिए जल, हवा अथवा भोजन की अति आवश्यकता होती है। उसी तरह सरल जीवन जीने के लिए भागवत कथा सुनना जरूरी होता है। सही मायने में श्रीमद् भागवत कथा जीवन मोक्ष का साधन है।
यह बता दे कि महर्षि वेद व्यास ज्ञान योग न्यास द्वारा 11वीं श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महोत्सव का आयोजन दिनांक 1 से 8 अक्टूबर तक दोपहर 3.30 से 7 बजे तक फूलबाग मैदान ग्वालियर में किया जा रहा है। श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महोत्सव में कथा व्यास के रूप में अंतराश्ट्रीय कथा वाचक परम पूज्य देवी ऋिचा मिश्रा, काशी से पधारकर अपनी अमृतमयी वाणी में कथा का रसपान करायेंगीं।
क्लश यात्रा अचलेश्वर मंदिर से
श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महोत्सव की भव्य कलश एवं शोभा यात्रा दिनांक 1 अक्टूबर 2108 को प्रातः 8 बजे से श्री अचलेश्वर मंदिर, एम.एल.बी. रोड से प्रारंभ होकर नगर के विभिन्न मार्गों से होती हुई फूलबाग मैदान पर पहुंचेगी।
भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्य रूप से न्यास के मुख्य संरक्षक डॉ. सतीष सिंह सिकरवार, अध्यक्ष राम पाण्डे, सचिव स्वामी सुनीलानंद महाराज, कथा संयोजक अचलेश्वर न्यास के उपाध्यक्ष पंडित विजय कब्जू, चन्द्रप्रकाष गुप्ता, अवध सिंह धाकरे, श्रीमती सुनीलम चतुर्वेदी, श्रीमती अंजू जैन, श्रीमती अल्का श्रीवास्तव, आयुषी सिंहल, अवधेश सिंह कौरव, विजय बहादुर त्यागी, सुरेश प्रजापति, अंकित कठठ्ल, दिनेश गौतम, विकास पाराशर आदि उपस्थित थे।

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