जीआरएमसी में नियुक्ति घोटाला खोलने वाले डॉक्टर की राह में प्रबंधन का रोड़ा

ग्वालियर. गजराराजा मेडिकल कॉलेज में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हुई नियुक्ति का घोटाला खोलने वाले डॉ. सतेंद्र राजपूत की राह में प्रबंधन ने अब रोड़ा अटका दिया है। विधिक सलाह के नाम पर कॉलेज प्रबंधन ने डॉ. राजपूत के उस दावे को खारिज करने की कोशिश की है जिसमे उन्होंने इस फर्जी नियुक्ति के कारण स्वयं को वेटिंग में आने की बात कहकर नियमानुसार नियुक्ति किए जाने की बात कही थी। असल में फर्जी दस्तावेजों से हुई नियुक्ति का यह मामला एक वर्ष पहले का है इसलिए विधिक सलाहकार ने एक वर्ष से ज्यादा समय गुजर जाने की बात कहकर वेटिंग उम्मीदवार की नियुक्ति नहीं किए जाने की सलाह कॉलेज प्रबंधन को दी है। अब कॉलेज प्रबंधन ने इस विधिक राय को संभागायुक्त को भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला
गजराराजा मेडिकल कॉलेज में नियुक्ति घोटाला उजागर हुआ है। बाल एवं शिशु रोग विभाग में नौकरी पाने के लिए जानबूझकर डॉ. रूप शर्मा द्वारा सीनियर रेसीडेंट का फर्जी प्रमाण पत्र लगाए गए इन्हीं फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर कॉलेज की स्क्रूटनी कमेटी ने बाल एवं शिशु रोग विभाग में डॉ. शर्मा की असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति भी दे दी है। इस पूरे मामले की शिकायत डॉ. सतेंद्र राजपूत द्वारा की गई जो फर्जी दस्तावेज के आधार पर हुई इस नियुक्ति के कारण वेटिंग में रह गए थे हालांकि डॉ. राजपूत द्वारा की गई शिकायत को कॉलेज प्रबंधन ने गंभीरता से नहीं लिया था। इसी कारण यह शिकायत उच्च स्तर पर की गई। मामले की जांच के बाद शिकायत सही पाई गई और डॉ. रूप शर्मा की नियुक्ति को रद्द कर दिया गया।

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