मैं बैचेन हूं जानने के लिये कि मेरा नाम व्यापंम में कैसे जुड़ गया-उमा भारती

भोपाल. मप्र के 2013 के विधानसभा चुनाव के समय जमकर उछले व्यापंम महाघोटाले के मुद्दे को लेकर इस बार फिर कांग्रेस ने छेड़कर सियासत को गर्मा दिया है एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की याचिका पर कांग्रेस के तमाम दिग्गज वकीलों ने भोपाल में डेरा डाला है। वहीं भाजपा नेत्री उमा भारती ने ट्वीटर पर एक के बाद एक ट्वीट कर के इस मसले को हवा दे दी है। उमा के ट्वीट्स से बीजेपी के अन्दर बैचेनी है, लेकिन सतह पर पार्टी के प्रमुख नेता नपा तुला ही बोल रहे हैं।
मैं हैरान हू, घोटाले मेरा नाम कैसे-उमा भारती
मुझे अभी जानकारी मिली है कि मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह प्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं घोटाले की एक नये तरीके से जांच करवाने का प्रयास कर रहे हैं मैं स्वयं यह जानने के लिये बैचेनू हूं कि मार्च 2014 से मेरा नाम इसके साथ कैसे जुड़ गया है जो भी इस असलियत को सामने लायेगा, वह मुझे एक बड़ी राहत देगा।
मुझे खुशी होगी कि व्यापमं की जडें कहा तक थी यह रहस्य खुल जायें, क्यांकि 6 दिसम्बर 2013 मैंने ही तो सबसे पहली बार इस घोटाले को घिनौना बताते हुए सीबीआई जांच का मप्र सरकार को सुझाव दिया था। मप्र की एसटीएफ एवं सीबीआई इस जांच के साथ बाद में जुडे़, लेकिन, इसकी प्रारंभिक जांच तो मप्र के इन्दौर की क्राइम ब्रांच ने की हे। ऐसा अतीत में भी हो चुका है, सेंटकिट्स मामले में कांग्रेस बाद में शर्मिन्दा हुई थी। कांग्रेस ने बोफोर्स की बदनामी का बदला लेने के लिये तत्कालीन पीएम के पुत्र अजेयसिंह को फर्जी और शरारती तरीके से सेंट किट्स के फर्जी घोटाले से जोड़ दिया था और बाद में वस्तुस्थिति साफ हो गयी, बेकसूर अजेय सिंह को राहत मिली।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

users online