प्रशासन कब्जे हटाने पहुंचा तो धरने पर बैठे विधायक व मंत्री

ग्वालियर. प्रदेश में सरकार होने के बाद भी कांग्रेस विधायक मुन्नालाल गोयल शुक्रवार को प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी मुहिम के खिलाफ सुबह से रात तक धरने पर बैठे रहे इसकी सूचना मिलते ही पशुपालन मंत्री लाखनसिंह यादव, खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र शर्मा और विधायक प्रवीण पाठक भी मौके पर पहुंच गए। मामला न्यू कलेक्टोरेट से 200 मीटर दूर स्थित सिरोल पहाड़ी पर 14 हेक्टेयर जमीन पर बने 98 अवैध कब्जों की तुड़ाई का है।
7 कच्चे घर तोड़कर प्रशासनिक अमला लौटा
विधायक मुन्नालाल गोयल के समर्थकों ने जिला प्रशासन-पुलिस की कार्रवाई को रोक दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक कुल 9 घंटे प्रशासनिक अमला और विधायक गोयल के साथ उनके समर्थक अपनी-अपनी जगह मोर्चा संभाले रहे। देर शाम पहाड़ी के एक कोने में बना मंदिर और उससे लगे 7 कच्चे घर तोड़कर प्रशासनिक अमला लौट गया लेकिन विधायक मुन्नालाल गोयल अपने समर्थकों के साथ देर रात तक जमे रहे। रात को पहुंचे मंत्री लाखन सिंह और विधायक प्रवीण पाठक ने लोगों को पट्टा दिलाने का भरोसा दिया।
दिग्विजय व सिंधिया ने भी किया विधायक को फोन
विधयक मुन्नालाल गोयल का कहना था कि हमले हाईकोर्ट में रिव्यू याचिका लगाई है। सोमवार को उस पर सुनवाई तक प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करेगा ऐसा आश्वासन मुझे दिया है। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने दोपहर 2.30 फोन पर विधायक से बात की। रात 9 बजे सिंधिया ने भी उन्हें फोन किया और अधा घंटे बात की। मंत्रियों व विधायक का कहना था कि गरीबों को पट्टे दिलाना उनकी पार्टी के वचन पत्र का हिस्सा है विधायक का विरोध जायज है। मामले की सूचना प्रभारी मंत्री उमंग सिंघार को भी दी गई।
एसडीएम अनिल बनवारिया ने विधायक को समझाया कि जनहित याचिका पर हाईकोर्ट के आदेश के पालन में वे कार्रवाई कर रहे है। विधायक गोयल ने कहा कि याचिकाकर्ता अशोक कुमार को किसी ने देखा भी नहीं है। बिल्डरों का गुट इस जमीन पर लीज चाहता है।
कलेक्टर अनुराग चौधरी ने कहा विधायक की तरफ से बताया गया कि उनकी रिव्यू याचिका पर सोमवार को सुनवाई होनी है जो निर्णय हाईकोर्ट की तरफ से आएगा उस पर अमल कराएंगे लेकिन सिरोल पहाड़ी की जमीन वन भूमि है उस पर पट्टे नहीं दिए जा सकते है।

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