भोपाल एम्स में नर्स के पद भर्ती करने के नाम ठगी करने गैंग का खुलासा, सरगना समेत दो आरोपी गिरफ्तार

भोपालए मध्‍यप्रदेश पुलिस के एसटीएफ को बड़ी कामयाबी मिली है। एम्‍स में नर्स के पद पर भर्ती कराने का झांसा देकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने में एसटीएफ ने सफलता हासिल की है। इस गिरोह द्वारा फर्जी नियुक्ति पत्र देकर महिलाओं से धन की ठगी की जा रही थी। एसटीएफ ने इस गिरोह के सरगना दिलशाद खान निवासी जबलपुर तथा आलोक कुमार बामने निवासी भोपाल को गिरफ्तार कर लिया है।
50 से अधिक लड़कियों से लाखों रूपये की ठगी
अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक एसटीएफ अशोक अवस्‍थी के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह भदौरिया ने विशेष रणनीति बनाकर इस गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की है। एसटीएफ से प्राप्‍त जानकारी के मुताबिक यह गिरोह नर्स के पद पर भर्ती कराने के नाम पर अब तक 50 से अधिक लड़कियों से लाखों रूपये की ठगी कर चुका है।
आरोपी दिलशाद खान द्वारा पांच महिलाओं से निकाह
एसटीएफ द्वारा की गई पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी दिलशाद खान द्वारा पांच महिलाओं से निकाह किया गया है। पांचो महिलाओं के उच्‍च स्‍तरीय रहन.सहन का खर्चा उठाने के लिए वह इस प्रकार के गलत धंधे में लिप्‍त हो गया था। दिलशाद खान ने एसटीएफ को बताया कि उसकी चौथी पत्‍नी द्वारा जबलपुर में एक निजी अस्‍पताल का संचालन किया जा रहा है। दूसरे आरोपी आलोक बामने की पत्‍नी शासकीय कन्‍या छात्रावास पटेल नगर भोपाल में अधीक्षिका के पद पर पदस्‍थ है। एसटीएफ द्वारा इस प्रकरण में आलोक बामने की पत्‍नी की भूमिका की जाँच भी की जा रही है।
गिरोह का पर्दाफाश करने में एसटीएफ के निरीक्षक सुभाष दरश्‍यामकर व उप निरीक्षक आदित्‍य शर्मा के नेतृत्‍व में गठित की गई 8 सदस्‍यीय टीम की भूमिका रही। उप निरीक्षक प्रशांत परिहार, प्रधानआरक्षक मुकेश सेन, आरक्षक उमेश कुबरे, अ‍रविन्‍द प्रजापतिए अतुल शर्मा, सोनल मा‍लवीय व रेनु धूमकेती इस टीम में शामिल थे।

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