मध्यस्थता पैनल ने सेटलमेंट दस्तावेज सौंपे-सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कहा विवादित जमीन के बदले कहीं और जगह दे दो

नई दिल्ली. अयोध्या मध्यस्थता पैनल ने सुप्रीम कोर्ट में एक सहमति रिपोर्ट दाखिल की है जिसमें सुन्नी वक्फ बोर्ड विवादित जमीन के बदले कहीं और जगह दिए जाने पर सहमत हुआ है। उसने सभी धार्मिक स्थलों की 1947 की स्थिति बनाए रखने की भी बात कही है। इस चर्चा में कई अहम हिंदू और मुस्लिम पक्षकार शामिल नहीं हुए थे।
अयोध्या केस में सुन्नी वक्फ बोर्ड के विवादित जमीन पर कब्जा छोड़ने संबंधी हलफनामा देने के बाद मध्यस्थता पैनल ने सेटलमेंट दस्तावेज सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दिया है। सुन्नी वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या केस वापस लेने का फैसला लिया है। बोर्ड के चेयरमैन ने मुकदमा वापस लेने का हलफनामा मध्यस्थता पैनल के सदस्य श्रीराम पंचू को भेजा। इस बीच सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की 40वें दिन की सुनवाई शुरू हो गई है हालांकि सुन्नी वक्फ बोर्ड के अपील वापस लेने के मामले में कोर्ट में कोई चर्चा नहीं हुई। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने स्पष्ट किया कि आज शाम 5 बजे तक हर हाल में बहस पूरी होगी। चीफ जस्टिस ने तय पक्षकारों के अतिरिक्त किसी अन्य को हस्तक्षेप की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
5 बजे तक अयोध्या मामले की सुनवाई खत्म होगी
एक वकील ने अतिरिक्त समय मांगा इस पर सीजेआई ने स्पष्ट कर दिया कि आज शाम 5 बजे अयोध्या मामले की सुनवाई खत्म हो जाएगी। एक वकील ने मामले में हस्तक्षेप की अपील की तो सीजेआई ने अपील खारिज कर दी। इसी तरह सुन्नी वक्फ बोर्ड के अपील वापस लेने के मामले में कोर्ट में कोई चर्चा नहीं हुई। हिंदू पक्ष के वकील सीएस वैद्यनाथन ने बहस की शुरूआत की।
इससे पहले मंगलवार को सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सीजेआई ने 16 अक्टूबर को सुनवाई पूरी होने के संकेत दिए थे। सीजेआई ने आज बहस के लिए हिंदू पक्ष के वकील सीएस वैद्यानाथन को 45 मिनट का समय दिया है। मुस्लिम पक्ष को 1 घंटे का समय दिया गया है इसके साथ ही 45 मिनट के चार स्लॉट बाकी पक्षकारों को दिया जाएगा।

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