हरिशकरपुरम में डकैती, मंहिला को बंधक बनाकर सशस्त्र डकैती

ग्वालियर. हरिशंकरपुरम में आधी रात के बाद खिड़की की जाली तोड़कर अंदर दाखिल हुए बदमाश ने अकेली महिला को बंधक बना लिया। बदमाशों ने महिला का मंगलसूत्र, कंगन व पायजेब उतरवा लिए इसके बाद अलमारी में रखे नगदी व कागज रखा बैग भी लूट कर ले गए। बदमाशों ने सामने के घर में भी वारदात की कोशिश की लेकिन वहां वे सफल नहीं हो सके।
क्या है पूरा मामला
झांसीरोड़ थाना इलाके की हद में आने वाले हरिशंकरपुरम में बीती रात को 2.15 बजे बदमाशों ने एफ ब्लॉक के गणेश पार्क के पास रहने वाले पुरूषोत्तम दीक्षित के घर धावा बोल दिया। दीक्षित परिवार अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर पर रहता है। बदमाशों ने फ्लैट के पहले कमरे की बाहर की ओर बनी खिड़की पर लगी ग्रिल को सब्बल से खींच लिया इसके बाद 3 बदमाश फ्लैट के भीतर दाखिल हो गए जबकि 4 आसपास के घरों की रैकी करने लगे। घर में घुसे बदमाशों ने बेडरूम में सो रही मानसी दीक्षित को काबू में कर लिया उसे बंधक बनाकर सोने का मंलसूत्र, कंगन और पायजेब उतरवा लिए। बदमाशों ने महिला से गहने उतरवा लेने के बाद कमरे में रखी अलमारी को बाहर के कमरे में घसीट लिया। यहां उन्होंने अलमारी में रखे बैग को निकाल लिया उसमें 10 हजार नगद और दस्तावेज रखे हुए थे इतने में मानसी ने कमरे की अंदर से कुंडी लगा ली और मदद के लिए चीफ पुकार कर दी। लगभग 45 मिनट तक लूटपाट के बाद बदमाश सड़क पर एलईडी और कंबल छोड़कर भाग निकले। इतने में कॉलोनी में जगार हो गई और पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने पड़ताल की और आसपास के घरों में लगे सीसीटीवी चेक किए। इस दौरान मालूम हुआ कि बदमाशों ने सामने रहने वाले धीर सिंह भदौरिया के घर में भी वारदात की कोशिश की लेकिन मजबूत ताले लगे होने से सफल नहीं हो सके। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद आरोपियों की पड़ताल शुरू कर दी है।
12 बजे ससुर को अस्पताल ले गए
पुरूषोत्तम दीक्षित को रात में अचानक सीने में दर्द हुआ। रात को उनका बेटा और पत्नी पड़ोसी के साथ उन्हें ठाटीपुर स्थित एक निजी अस्पताल में ले गए। यहां दोनों अस्पताल में ही रहे। घर में अकेली बहू थी इसकी जानकारी किसी को नहीं थी। ऐसे में दो घंटे बाद ही घर पर डकैती की वारदात होना उनके लिए भी पहेली ही है। आखिर ऐसा कौन था जिसे पता था कि घर में बहू अकेली है।
मैं मुंह छुपाकर लेटी रही-मानसी
वारदात की शिकार मानसी बोली कि वो रात को ससुर, पति और सास के अस्पताल जाने के बाद घर में नवरात्री का पाठ कर रही थी इसके बाद सोने चली गई। रात को घर में बदमाश दाखिल हुए तो कमरे में अंधेरा था उन्होंने मारने की धमकी दी। इसके बाद गहने उतरवा लिए। अंधेरा होने से मैं किसी की शक्ल नहीं देख पा रही थी। बदमाशों के कमरे के बाहर जाते ही मैंने अंदर से कुंडी लगा ली और मदद के लिए चीख-पुकार करना शुरू कर दी इससे घबराकर बदमाश भाग गए।

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