पहला राफेल भारत के हवाले

पेरिस. भारतीय वायुसेना (आईएएफ) को थोड़ी ही देर में पहला राफेल लड़ाकू विमान मिलने वाला है। इसे रिसीव करने के लिये स्वयं रक्षामंत्री राजनाथ सिंह फ्रांस पहुंचे हैं। राजनाथ सिंह फ्रांस की वायुसेना के फायटर प्लेन में सवार होकर रफाल की फैक्ट्री में पहुंचे हैं। उन्होंने यहां फैक्ट्री का जायजा लिया है।फ्रांस कुछ ही देर में औपचारिक रूप से भारत को पहला राफेल सौंपेगा।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह विजयादशमी के शुभ अवसर पर फ्रांस की राजधानी पेरिस में भारतीय परंपरा के मुताबिक राफेल की शस्त्र की पूजा करेंगे। विधिवत शस्त्र की पूजा के बाद रक्षामंत्री फ्रांस की कंपनी दसॉ से खरीदे गये लड़ाकू विमान राफेल का अधिग्रहण करेंगे और विमान में उड़ान भी भरेंगे। राफेल उन्नत प्रौद्योगिकी से लैस लड़ाकू विमान हैं। दसॉ के साथ हुए सौदे की पहली खेप में भारत विजयादशमी के अवसर पर 36 राफेल विमान हासिल करेगा।
राफेल की खूबियां
राफेल विमान एक बार में करीब 26 टन ;26 हजार किलोग्रामद्ध वजन ले जा सकता है।
यह विमान 3, 700 किलोमीटर के रेडियस में कहीं भी हमला करने में सक्षम है।
यह 36 से 60 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है और यहां तक महज एक मिनट में पहुंच सकता है।
एक बार फ्यूल भरने पर यह लगातार 10 घंटे की उड़ान भर सकता है।
इस विमान से हवा से जमीन और हवा से हवा में दोनों में हमला किया जा सकता है।
राफेल पर लगी गन एक मिनट में 125 फायर करने में सक्षम है और यह हर मौसम में लंबी दूरी के खतरे को भांप लेता है।

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