एसकेव्ही की छात्राओं ने किलिमंजारों पर फहराया राष्ट्रीय ध्वज

ग्वालियर. सिधिंया कन्या विद्यालय संस्थापिका राजमाता विजयाराजे सिधिंया की 100वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला में सिधिंया कन्या विद्यालय (एसकेव्ही) द्वारा पर्वतारोहण हेतु 17 छात्राआंे तथा 2 शिक्षक, शिक्षिका के एक दल को तनजानिया अफ्रीका भेजा गया। इस दल ने अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए विश्व की दुर्गम चोटियों में से एककिलिमंजारो जो अफ्रीका के पूर्वी भाग में स्थित है पर तिरंगा लहराकर सफलता प्राप्त की एवं देश विदेश में सिधिंया कन्या विद्यालय सहित ग्वालियर शहर का नाम रोशन किया। इस अभियान की शुरूवात पंकज परमार के 3 महीने के कठिन प्रशिक्षण प्रदान कर की गई।
इस प्रशिक्षण में आने वाले कठिन पर्वतारोहण परिस्थितियों को ध्यान में रखकर स्टेमिना एवं फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया गया। इस दल में छात्रायें प्रिया गुप्ता, साइवीरा, कृतिका चौधरी, खुशी अग्रवाल, इशा खान, अहाना ़ित्रवेदी, जानवी खेमका, श्रेया सिंह, पी अर्पिता, एनीबेन राय, सेरा मेतो, आकांक्षा सिंह, प्रियंका तोमर, इनायत सूद, त्रिशा अग्रवाल , सोम्या सिंह, रिया कालानी सहित शिक्षिका श्रीमती सुमन यादव तथा शिक्षक विनय राठोड शमिल थे। दल ने अफ्रीका पहुँचकर अपना विजयी अभियान 7 सितम्बर से लिमोशो गेट से प्रारम्भ कर 2780 मीटर उँचाई पर पहुँचकर बिग ट्री कैम्प पर विश्राम किया । अगले दिल शीरा रिज शीरा प्लोटो होते हुए 14 किमी की ट्रैंिकग करके 3900 मीटर की ऊँचाई पर स्थित शीरा कैम्प पहुँचा। तीसरे दिन दल ने 8 किमी चढाई करके 3960 मीटर ऊँचाई पर स्थित ब्रानको कैम्प में रात्रि में विश्राम किया। दल ने एलपाइन डेर्जट जोन को पार करते हुए 6 किमी की चढाई के बाद 4035 मीटर की ऊँचाई पर स्थित करंगा कैम्प में चौथे दिन विश्राम किया। पाँचवे दिन दल के समक्ष एलपाइन डेर्जट की दुर्गम चढाई थी जिसे पार कर 4650 मीटर की ऊँचाई पर स्थित बराफु कैम्प में विश्राम किया। लगभग अर्धरात्रि में ही दल को अपना बेस कैम्प छोडकर 5740 मीटर ऊँचे स्थित स्टेला पाइंट पर रूख किया जिसे पार कर दल इस पर्वत श्रंखला मे उच्चतम शिखर उहरू चोटी (5895 मीटर )पर पहुँचा । इस छटवें दिन दल ने 14 घंटों में 19 किमी का दुर्गम पहाडी रास्ता पार किया। यही वह उपलब्धि थी जिसके लिए दल ने महीनों कठिन प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद बराफु कैम्प से होते हुए उतरना प्रारम्भ किया और 7वे दिन 4 घंटों मंे 10 किमी का सफर तय कर अपने अभियान को विश्राम दिया। कुछ दिन के अल्पप्रवास के पश्चात दल ग्वालियर वापस आ गया। विद्यालय पहुँचने पर प्राचार्या श्रीमती निशी मिश्रा ने दल का भव्य स्वागत किया । पर्वतारोही दल के सदस्यों ने विद्यालय द्वारा प्रदत्त इस अवसर के लिए प्राचार्या एवं प्रबंध मंडल को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी सोच एवं सहयोग से यह दुर्गम कार्य संभव हो सका।
पत्रकारवार्ता में विद्यालय प्राचार्या श्रीमती निशी मिश्रा, उपप्राचार्या श्रीमती नैना ढिल्लन, बरसर मयंक मधुकर, खेल विभागाध्यक्ष श्रीमती शकुन्तला त्रिपाठी, फिटनेस कोच पंकज परमार मीडिया कोडिनेटर श्रीमती वैशाली श्रीवास्तव, दल की छात्राएँ , श्रीमती सुमन यादव और विनय राठोड उपस्थित थे।

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