उपयोगी हो ऐसा नवाचार करें-राजाबाबू आईजी

ग्वालियर. आगामी 4 वर्ष में आप इस संस्थान से पास आउट होंगे। तब आपको जॉब के साथ समाज के जिले सोचना होगा और कुछ बेहतर करना भी होगा। समाज को ध्यान में रखते हुए नवाचार करें, लेकिन वह ऐसे हां जो सबकी पहुंच में होने के लिये साथ उपयोगी साबित हों। इसके अलावा पानी, पर्यावरण गिरावट, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, साइबर क्राइम जैसी समस्याओं को समझना होगा और इसके समाधान भी तलाशने होंगे। इस तरह आप राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकते हैं। यह बात ग्वालियर रेंज के आईजी राजाबाबू सिंह ने कहीं। वह एमआईटीएसके ओरियेंटेशन प्रोग्राम में नव प्रवेशित विद्यार्थियों को राष्ट्रनिर्माण में युवाओं की भूमिका विषय पर संबोधित करते कहीं, उन्होंने प्रजेंटेशन के माध्यमसे बताया कि युवा किस तरह यह भूमिका निभायेंगे।
खुले में मलत्याग समस्या
देश में यह बड़ी समस्या हैं इसके लिये जागरूकता लाने की आवश्यकता है। इसमें आप जैसे युवाओं की अहम भूमिका है। देश को स्वच्छ बनाना है।
बेरोजगारी की समस्या
4 साल बाद इतना समान आपको भी करना है । रिकल प्रोग्राम चल रहे है। लेकिन अभी और सुधार की जरूरत है। इसके लिये भी कुछ अलग करने की जरूरत हैं।
पर्यावरण गिरावट
वायु और जल प्रदूषण के अलावा फॉसिल फ्यूल पर अधिक निर्भरता और लैण्ड सॉइल डीग्रेडेशनसे यह समस्याहैं हमें बायोडायवर्सिटी साइट विकसित करनी होगी।
पानी
स्वच्छ पानी की जरूरत सबको हैं। दुनिया में 2 प्रतिशत पीने योग्य पानी है। हमारे देश में 2.1 प्रतिशत के हिसाब से हर साल 3 करोड़ लोग बढ़ रहे हैं। ऐसे में वाटर हार्वेस्टिंग, पारंपरिक जल स्त्रोत का संरक्षण करें। साथ ही नये विकल्प भी तलाशें।
स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना
देश में शासकीय स्कूलों की गुणवत्ता सुधारनी होगी। जब यह गुणवत्ता सुधरेगी, तब हम उन स्कूलों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिये तैयार सकेंगे। इसका फायदा समाज को मिलेगा।
ऐसे बनेगा नया विश्व
जितनी ऊर्जा की जरूरत, उतनी ही उपयोग करें, पर्यावरण को बचायें, हर जरूरतमंद को समय पर खाना उपलब्ध हो, ऐसी कोशिश करें। एक्सक्लूसिव एम्पलॉयमेंट पर ध्यान दें।
राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दा
राष्ट्रका सुरक्षित होना सबसे आवश्यक है। धार्मिक उन्माद, आतंकवाद और नक्सलवाद के प्रति आप लोगों को जागरूक होने की जरूरत हैं।
असहिष्णुता
आजकल मोबलिचिंग और जातिवाद हिंसा देखते हैं, ऐसी चीजों से आपको बचना है, अन्य लोगों को जागरूक बनाना हैं।
सायबर क्राइम
स्मार्टफोन का उपयोग इस तरह करें कि कोई भी व्यक्ति उसका दुरूपयोग न कर सके और न ही आप किसी भी चीज का दुरूपयोग न कर सके और न ही आप किसी भी चीज का दुरूपयोग करें।
सोशल इंगेजमेंट
सबके साथ लेकर चलने की आदत बनयें। इस तरह हीलोगों को सशक्त बनाया जा सकता हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

users online