विद्या विहार, मॉडर्न गृह निर्माण समिति-शासन की अपील खारिज, निजी हुई जमीन, मामला कलेक्टोरेट के सामने स्थित 315 बीघा भूमि का

ग्वालियर. लम्बे समय से विवादों में रही कलेक्टोरेट के सामने स्थित 315 बीघा जमीन को न्यायालय ने निजी माना है जिला न्यायाधीश अभयकुमार ने शासन की अपील को खारिज करते हुए कहा कि अधीनस्थ न्यायलय ने 7 फरवरी 2003 को सरकारी दस्तावेज से लोकनिर्माण विभाग की प्रविष्टि को विलोपित करने का आदेश नियमानुसार दिया था।
ग्ंगाप्रसाद ने वाद पेश करते हुए स्वयं को भूमिस्वामी घोषित करने की मांग की, 2003 में दशम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 ने उन्हें भूमिस्वामी घोषित किया था। बेशकीमती जमीन हाथ से निकलने के बाद भी शासन ने निर्धारित समय सीमा में अपील पेश नहीं की और देरी से अपील पेश करने के चलते शासन को कोर्ट से मुंह की खानी पड़ी। यही गलती शासन हाईकोर्ट में भी की। अपील पेश करने में बिलम्ब के चलते हाईकोर्ट ने राहत देने से मना कर दिया क्योंकि शासन कोर्ट को देरी का ठोस कारण नहीं बता पाये।
मिली थी सुप्रीम कोर्ट से राहत
हाईकोर्ट से अपील खारिज होने के बाद शासन ने सर्वोच्च न्यायालय में 2003 के आदेश को चुनौती दी थी और मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीमकोर्ट ने उक्त प्रकरण को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश को रिमाण्ड किया था ताकि मामले का निराकरण गुण दोपष के आधार पर किया जा सके। सर्वे नम्बर -86 का कुल रकबा 315 बीघा हैं इन सभी सर्वे नम्बरों का उल्लेख जिला न्यायाधीश ने अपने आदेश में किया हैं।

व्यावसायिक तौर पर होगा सिटीसेंटर का विकास
न्यू कलेक्टोरट के सामने स्थित विद्या बिहार, मॉर्डन गृह कॉलोनी की जमीन के मामले में शासन की अपील खारिज होने के बाद सिटीसेंटर व आसपास के क्षेत्र में आवासीय एवं व्यवसायिक विकास को गति मिलेगी। इन दो कॉलोनियों में लगभग 1500 प्लॉट है और सभी बिक चुके हैं जिन पर अब निर्माण कार्य शुरू होने के रास्ते खुल गये। बड़ी संख्या आबादी बसने के साथ ही यहां बाजार के विकल्प खुलेंगे। इतना ही नहीं, इस कॉलोनी में विकसित होने पर सिरोल, हुरावली, ओहदपुर क्षेत्र में भी हाउसिंग प्रोजेक्टों की पूछपरख बढ़ने की संभावना है क्योंकि कैलाश नगर के बाद इस क्षेत्र में आबादी नहीं और कलेक्टोरेट के बाद से जो आवासीय क्षेत्र तैयार हो रहा है वहां कई वर्षो के बाद भी उम्मीद से कम आबादी बसी है।
राजनेता और अधिकारियों ने खरीदे प्लॉट
न्यू कलेक्टोरेट रोड़ से सचिन तेंदुलकर रोड तक फैली इस जमीन में राजनेता, प्रशासनिरकल, पुलिस एवं ज्युडिशियली से जुडे कई वरिष्ठ अधिकारियों के प्लॉट हैं जो कि 200 रूपये से लेकर 3000 रूपये तक की कीमत में सेल किये गये थे।

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