समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील रवैया रखे: आईजी ग्वालियर

ग्वालियर ‘‘कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता’’ विषय पर रेंज स्तरीय दो दिवसीय सेमीनार का आयोजन किया गया। इस सेमीनार का शुभारंभ सुबह 11 बजे मुख्य अतिथि आईजी ग्वालियर राजाबाबू सिंह द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प एवं दीप प्रज्वलित कर किया। सेमीनार में उपस्थित मुख्य अतिथियों का ग्वालियर रेंज अजाक एसपी वीरेन्द्रकुमार जैन द्वारा स्वागत किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर जोन ने कहा एससी/एसटी के प्रकरणों में अधिक से अधिक सजा कराये जाने हेतु विवेचना उच्च स्तर की होनी चाहिए तथा उन्होने कहा कि पूर्व में एससी/एसटी प्रकरणों की विवेचना निरीक्षक स्तर द्वारा की जाती थी अब उप निरीक्षक को भी एससी/एसटी प्रकरणों की विवेचना का अधिकार दिया गया है। सेमीनार में एसपी नवनीत भसीन ने उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि एससी/एसटी के प्रकरणों की विवेचना में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाना चाहिए तथा पीडि़तों की सहानुभूति पूर्वक बात सुनी जाकर रिपोर्ट दर्ज की जावे। एससीएसटी के प्रकरणों की विवेचना निर्धारित अवधि में पूर्ण कर चालान पेश किया जाना चाहिए।

दो दिवसीय सेमीनार में उद्घाटन उपरान्त एसपी शर्मा, संयुक्त निदेशक आरएफएसएल ग्वालियर द्वारा भौतिक साक्ष्य का समुचित संकलन कर जांच हेतु प्रयोगशाला भेजने की सही प्रक्रिया क्या है एवं अपराध अनुसंधान में इसका महत्व’’ विषय पर अपना व्याख्यान दिया। पुलिस अधीक्षक सायबर सुधीर कुमार अग्रवाल द्वारा ‘‘सायबर अपराध’’ विषय पर अपने विचार रखे और उपस्थित विवेेचकों को सायबर अपराधों की विवेचना किस प्राकर की जावे इसके टिप्स दिए। एसडीएम ग्वालियर अनिल बनवारिया ने ‘‘अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन अधि0 2015 के अन्तर्गत पंजीबद्व प्रकरणों में जाति प्रमाण पत्र का महत्व व आने वाली कठिनाइयों के संबंध में जानकारी दी।

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