विवेचना ऐसी कि अपराधी बच न पायें-राजाबाबू

ग्वालियर कन्ट्रोल रूम सभागार में एफएसएल ग्वालियर द्वारा ‘‘सेमीनार कम वर्कशॉप ऑन रोल ऑफ फोरेंसिक साईन्स इन इन्क्रीसिंग रेट ऑफ कन्विक्शन इन क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम विथ स्पेशल रिफरेन्स टू क्राईम अंगेन्सट वूमन्स’’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। सुबह 10ः30 बजे एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ एसपी नवनीत भसीन द्वारा किया गया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि महिलाओं अपराधों में शामिल एक भी आरोपी सजा से बचना नहीं चाहिए, इसके लिये उच्च कोटि की विवेचना की आवश्यकता है। इस मौके पर एसपी ने कहा कि घटनास्थल पर एफएसएल टीम की मदद से साक्ष्य संकलन किया जाना चाहिए और पुलिस के पास विवेचना हेतु काफी संसाधन उपलब्ध है जिनकी सहायता से आरोपी को सजा दिलाई जा सकती है। जितने अधिक प्रकरणों में आरोपियों को सजा दिलाई जावेगी उतना ही आम जनता के मन में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ेगा, कार्यशाला शुभारंभ के अवसर पर महिला सेल नोडल अधिकारी एएसपी सुरेन्द्रसिंह गौर तथा आरएफएसएल के ज्वाइंट डायरेक्टर एसपी शर्मा, वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. विनोद ढींगरा समेत ग्वालियर जिले के पुलिस अधिकारीगण मौजूद थे।
कार्यशाला में उपस्थित समस्त विवेचकों को ‘‘घटनास्थल निरीक्षण में भौतिक साक्ष्य की महत्ता’’ विषय पर आरएफएसएल, संयुक्त निदेशक ग्वालियर एसपी शर्मा, द्वारा व्याख्यान दिया गया। इसके बाद जेएएच ग्वालियर के फोरेंसिक मेडीसिन विभाग के विभागध्यक्ष डॉ. सार्थक जुगलान द्वारा ‘‘मेडिको लीगल क्यूरी एवं पोस्टमार्टम एवीडेंनसेंस’’ विषय पर अपने विचार रखे। डीपीओ ग्वालियर अब्दुल नसीम द्वारा ‘‘कन्विक्शन हेतु अभियोजन अधिकारियों की प्रकरण में पुलिस से अपेक्षा’’ विषय पर व्याख्यान दिया। ‘‘महिला उत्पीड़न अपराधों के विभिन्न विधिक पहलू एवं प्रकरण कार्यवाही’’ विषय पर अभिभाषक जिला सत्र न्यायालय ग्वालियर मुकेश गुप्ता ने अपने विचार रखे। सीनियर वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. विनोद ढींगरा द्वारा ‘‘केस स्टडीज इन क्राईम सीन इन्वेस्टिगेशन’’ विषय पर व्याख्याान दिया।
कार्यक्रम समापन अवसर पर पोस्को एक्ट ग्वालियर, विशेष सत्र न्यायाधीश श्रीमती अर्चना सिंह, द्वारा भी ‘‘क्राईम अगेस्ट वूमन्स इन क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम बिथ रिफरेंस टू इन्क्रीसिंग रेट ऑफ कन्विक्शन’’ विषय पर अपने विचार व्यक्त किये, इसके अलावा उनके द्वारा पीडि़ता की आयु प्रमाण पत्र के संबंध में होने वाली विसंगति को दूर करने के संबंध में भी बारीकी से समझाया। डीएसपी एमएल शर्मा द्वारा भी महिला अपराध पर अपने विचार व्यक्त किये गये।
कार्यक्रम के अंत में ग्वालियर रेंज के आईजी राजाबाबू सिंह द्वारा महिला अपराध को लेकर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विवेचना में छोटी-छोटी ़त्रुटियों से आरोपी को लाभ मिल जाता है। उन्होने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विवेचना का स्तर सुधारना तथा सही तरीके से भौतिक साक्ष्य संकलन करना है। उन्होने महिलाओं तथा बालिकाओं पर हो रहे जघन्य अपराधों में आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलवाने हेतु वैज्ञानिक साक्ष्य जैसे डीएनए एवं सीसीटीव्ही फुटेज के आधार पर साक्ष्य एकत्रित करने पर जोर दिया। अंत में पुलिस महानिरीक्षक ने उपस्थित प्रतिभागियों से उनके द्वारा कार्यशाला में सीखे गये बिदुओं को जाना। कार्यक्रम समापन पर आईजी ग्वालियर ने श्रीमती अर्चना सिंह, विशेष सत्र न्यायाधीश पोस्को एक्ट ग्वालियर को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। पुलिस अधीक्षक ने आरएफएसएल के अधिकारी एसपी शर्मा और डॉ0 विनोद ढींगरा को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

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