अर्न्तराष्ट्रीय ठगी के कॉल सेन्टर का राज्य सायबरसेल ने किया पर्दाफाश

भोपाल, विशेष पुलिस महानिदेशक राज्य सायबर सेल पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि पुलिस महानिदेशक वीके सिंह ने मप्र मे बढ़ते सायबर अपराधों पर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिये थे । इसी तारतम्य में सायबर सेल के सभी जोनल यूनिटों को सायबर सेन्टर में चल रही अवैध गतिविधियों पर अकुंश लगाने की कार्यवाही के निर्देश दिये थे सायबर सेल जोनल कार्यालय इन्दौर की यूनिट ने एक बड़ी कार्यवाही में अर्न्तराष्ट्रीय ठगी का कॉल सेन्टर का पर्दाफाश किया है ।
क्या है पूरा मामला
महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली से आकर कुछ लोग इन्दौर में अवैध कॉल सेन्टर चला रहे है । जहॉ से अमेरिका के नागरिकों को कॉल करके उनसे उनके सोशल सिक्यूटरी नम्बर का अवैध गतिविधियों जैसे मनी लाड्रिंग व ड्रग, टैªफिकिंग मंे शामिल होना पाया जाता है । इसी बात पर उन्हें डराकर 50 से 5 हजार डॉलर तक की राशि विभिन्न माध्यमों से वसूली जा रही थी । सूचना के आधार पर 2 अलग-अलग टीमें बना कर 2 ठिकानों पर दबिश दी जहॉ पर काम करते 61 लड़के और 19 लड़किया पाई गई । जावेद, राहिल अब्बासी, सन्नी चौहान, शाहरुख, केवल संधू आदि द्वारा दो अलग-अलग जगह कॉल सेन्टर चलाये जा रहे थे । इनमें दो लोग सनी और शाहरुख का अहमदाबाद जाना पाया गया है । निरीक्षक राशिद अहमद, उप निरीक्षक आमोद राठौर, विनोद राठौर, संजय चौधरी, रीना चौहान, पूजा मूवेल, अम्बाराम, प्राधान आरक्षक प्रभाकर महाजन, आरक्षक राकेश, रमेश, विजय, विक्रान्त, आनंद, दिनेश और राहुल इस कार्यवाही में शामिल थे ।
60 कम्प्यूटर और 70 मोबाइल जब्त किये सायबर सेल ने
मौके पर ठगी में प्रयोग किये जाने वाले 60 कम्प्यूटर, 70 मोबाईल फोन, सर्वर और मैजिकर्जेक जैसे अन्य गैजेट के साथ करीब 5 लाख से अधिक यू.एस.ए. के नागरिकों का डाटा मौजूद पाया गया जिन्हें जप्त् किया गया । पकड़ें गये आरोपियों से हवाला से प्राप्त होने वाले पैसे का माध्यम अन्य लोगों की संलिप्तता, उक्त स्थानों पर इस तरह की गतिविधि संचालित कर रहे अन्य साथीदारन और अब तक कमाये गये अवैध लाभ के सम्बन्ध में कड़ाई से पूछतांछ की जा रही है । उपरोक्त पर से अपराध क्रमांक 105/19 धारा 465, 467, 471, 420, 120 बी, भादवि एवं 66 डीआईटी. एक्ट का अपराध पंजीबद्व किया गया है ।
कॉल सेन्टर एक वर्ष से हो रहा था संचालित
विगत् लगभग एक वर्ष से उक्त कॉल सेन्टर उसके मालिक जावेद द्वारा चलाया जाना बताया है । अधिकांश युवक एवं युवतियों पूर्व में भी इस तरह के कॉल सेन्टर नोएडा, गोवा और महारष्ट्र में काम कर चुके है । इसमें उत्तर पूर्व के नागालेंड मेघालय, मुम्बई, अहमदाबाद और पंजाब के रहने वाले युवक युवतियॉ है जो अमेरिका की विजिलेंस एजेन्सी के नाम से धमकते थे । डायरेक्ट इन्टरनेशनल डायलिंग और मैजिकजैक जैसी तकनीक का उपयोग कर गिफ्ट कार्ड बायर ट्रांसफर, बिटकाइन और अमेरिका स्थित खातों में ठकी का पैसा लेते थे ।

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