पश्चिम बंगाल में लग सकता है राष्ट्रपति शासन

नई दिल्ली. गृहमंत्री अमित शाह ने आंतरिक सुरक्षा और बंगाल में फैली हिंसा को लेकर सोमवार को बैैठक बुलाई। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल भी मौजूद थे। दूसरी ओर बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की हालांकि राज्यपाल ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया। सुरक्षा पर बैठक को लेकर भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि बंगाल मे जिस तरह हिंसा फैल रही है वहां राष्ट्रपति शासन भी लग सकता है। कार्यकर्ताओं की हत्या के विरोध में भाजपा ने 12 घंटे का बंद बुलाया है और पूरे बंगाल में यह दिन ब्लैक डे के तौर पर मनाया जा रहा है।
बदले की भावना से लोगों को भड़का रही ममता
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा बंगाल में हिंसा की जिम्मेदारी ममता बनर्जी की है। वे बदले की भावना से लोगों को भड़का रही है। ममता अपने कार्यकर्ताओं से कह रही है कि जहां से उनकी पार्टी हार रही है वहां भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जाए। सारे गुंडे सत्ताधारी तृणमूल के पास ही है उनके पास पिस्तौल और बम हैं। हमारे कार्यकर्ताओं के पास कोई हथियार नहीं है। बंगाल में ऐसे ही हिंसा होती रही तो केंद्र को हस्तक्षेप करना पड़ेगा और जरूरी हुआ तो बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता हैं।
ममता सरकार को नागरिकों में विश्वास बनाए रखने में विफल
बंगाल में जारी हिंसा पर गृह मंत्रालय ने रविवार को एडवाइजरी जारी की थी इसमें ममता सरकार को नागरिकों में विश्वास बनाए रखने में विफल बताया। बंगाल के चीफ सेक्रेटरी मलय कुमार ने सोमवार को जवाब देते हुए दावा किया है कि राज्य में हालात नियंत्रण में हैं। कुमार ने पत्र में लिखा (चुनाव के बाद कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हिंसा की गई थी। इस प्रकार के मामलों को रोकने के लिए अधिकारियों द्वारा बिना किसी देरी के कार्रवाई की गई)।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

users online