एससी-एसटी एक्ट के विरोध में भारत बंद का आह्वान, मध्यप्रदेश के कई जिलों में धारा 144 लागू

नई दिल्ली. एससी, एसटी एक्ट में संशोधन कर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने वाले सरकार के कदम के विरोध में सवर्ण लामबंद हो रहे हैं। सवर्णों का कहना है कि इस एक्ट में बिना जांच के दंड का प्रावधान है कि अधिकांश मामलों में इसका दुरूपयोग होता आया है। एक्ट के विरोध में गुरूवार को भारत बंद का आह्वान किया गया है। विरोध छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश में हो रहा है जहां बंद को सामान्य, पिछड़ा, अल्पसंख्यक कल्याण समाज संस्था (सपाक्स) सहित लगभग 35 संगठनों ने समर्थन दिया है।
इनका दावा है कि सुबह 10 से शाम 4 बजे तक व्यापारिक प्रतिष्ठान, पेट्रोल पंप सहित बाजार बंद रहेंगे। दूध व रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं को बंद से बाहर रखा गया है। कानून व्यावस्था के लिए लगभग 10.30 हजार अतिरिक्त पुलिस बल भेजे गए हैं। अधिकतर जिलों में धारा 144 लगा दी गई है।
बल का प्रयोग नहीं करना है-मुख्य सचिव
मप्र के मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह और पुलिस महानिदेशक ऋषिकुमार शुक्ला ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि बल का प्रयोग नहीं करना है। मुख्य सचिव ने कहा कि हर अधिकारी किसी न किसी जाति से आता है लेकिन ड्यूटी पर सभी सिर्फ शायकीय सेवक हैं। उप्र मे आगरा, मथुरा व आसपास के जिलों में बंद को लेकर विशेष सरगर्मी है।
यहां से हजारों लोग मप्र के लिए कूच कर सकते हैं। ब्राह्मण और क्षत्रिय संगठन इसकी अगुआई में जुटे हैं। कुछ ब्राह्मण विधायक भी बिना सामने आए हवा दे रहे हैं। भारतीय नागरिक परिषद् के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश अग्निहोत्री ने कहा कि भाजपा बताए कि बिना जांच के गिरफ्तारी को क्या वह सही मानती है। पदोन्नतियों में आरक्षण का विरोध कर रही सर्वजन हिताय संरक्षण समिति ने अपने आंदोलन में एससी, एसटी एक्ट के विरोध को भी शामिल किया है। समिति ने 28 सितंबर को लखनऊ में बड़ा सम्मेलन आयोजित किया है। छग में आंदोलन के लिए आज बनेगी समिति छत्तीसगढ़ में सवर्ण आंदोलन को दिशा देने के लिए गुरूवार को प्रदेश स्तरीय समिति का गठन होगा। समिति आंदोलन की कार्ययोजना तैयार करेगी।
ब्राह्माण समाज के नेता व वित आयोग के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय और क्षत्रिय समाज के नेता राकेश सिंह बैस ने बताया कि समिति में लगभग 2 दर्जन समाज के लोगों को रखा जाएगा ताकि अधिकाधिक समाज का आंदोलन में प्रतिनिधित्व बना रहे। यह तो तय हो चुका है कि 9 सितंबर को दुर्ग से धरना प्रदर्शन करके आंदोलन का आगाज किया जाएगा लेकिन इसके पहले सामान्य और ओबीसी वर्ग के समाज प्रमुखों के साथ हर जिले में बैठक होगी।
राजस्थान बंद का आह्वान
राजस्थान में सर्व समाज संघष समिति ने गुरूवार को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किय है। समिति के संयोजक एडवोकेट अनिल चतुर्वेदी ने बताया कि केंद्र सरकार ने आगामी चुनावों को देखते हुए वोट बैंक साधने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है।

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