नक्सली विस्फोट गढ़चिरौली में ही क्यों होते हैं

नई दिल्ली. गढ़चिरौली देश का एक ऐसा इलाका है जिसे लाल गलियारा में शामिल किया गया है, लाल गलियारे का मतलब है वह ठिकाना जहां नक्सलवादी सबसे अधिक सक्रिय हैं, लाल गलियारा में देश देश के 10 राज्यों के 74 जिले नक्सल प्रभावित हैं, गढ़चिरौली के लिये यह भी कहा जाता है कि यहां सरकार का नहीं बल्कि नक्सलवादियों का राज है, यह ऐसा घना जंगल है जिसे नक्सलवादियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना माना जाता है और यहां घुसना किसी के लिये भी जानलेवा साबित हो सकता है। इस इलाके में नक्सली अवसर मिलते ही घात लगाकर हमला कर देते हैं वह जमीन में आईईडी लगाकार सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हैं।
क्षेत्रीय आकार की बात करें तो यह जिला महाराष्ट्र के दक्षिणापूर्वी कोने में स्थित है। यह पश्चिम में महाराष्ट्रके चंद्रपुर और उत्तर में गोंदिया जिले से सटा हुआ है पहले इस जिले में सीमा छत्तीसगढ़ और दक्षिण और दक्षिण पश्चिम में तेलंगाना से लगी है। यह बात आदिवासी जिला है जिसमें गोंड और माडिया समुदाय के लोगों की अच्छी खासी संख्या है, इस जिले में बंगाली समुदाय के लोग भी है। जोकि 1972 के बंगाल विभाजन के समय हां बसाये गये थे।
37 नक्सली किए थे ढेर
हमारे देश में ऐसे बुद्धिजीवियों और मीडिया के लोगों की संख्या काफी ज़्यादा है, जो कश्मीर में आतंकवादियों का समर्थन करते हैं और देश के नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सलवादियों का खुलकर पक्ष लेते हैं। जबकि ये दोनों ही बेहिचक निर्दोष लोगों और सुरक्षाबलों का खून बहाते हैं। लेकिन, अब ये स्थिति बदल रही है। 24 अप्रैल 2018 को यहां सुरक्षाबलों ने 37 नक्सलियों को मार गिराया था और इसके बाद से लगातार सुरक्षाबलों ने यहां नक्सलियों के खिलाफ लगातार ऑपरेशन किए।

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