ई रिक्शा मिलने से दूर हुई रीना की उदासी

ग्वालियर. तृप्ति नगर नदीपार टाल मुरार निवासी रीना बाथम बताती हैं कि मैंने अपनी बेटी दिव्यांशी का दाखिला एक निजी स्कूल में कराया है। वह पहली कक्षा में पढ़ती है। जाहिर सी बात है निजी स्कूलों की फीस और खर्चे थोड़े ज्यादा होते हैं। रीना कहती हैं कि नगर निगम द्वारा लगाए गए एक शिविर के माध्यम से मुझे पता चला कि एनयूएलएम और उससे जुड़ी मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत जरूरतमंदों को स्वरोजगार के लिए आर्थिक मदद मिलती है। मैंने भी इस योजना के तहत ई.रिक्शा के लिये आवेदन भर दिया। जल्द ही इंडियन ओवरसीज बैंक के माध्यम से एक लाख 96 हजार रूपए का लोन मंजूर हो गया। इसमें 20 प्रतिशत अनुदान राशि शामिल थी।
प्रदेश सरकार की पहल पर ग्वालियर में आयोजित हुए शहरी हितग्राही सम्मेलन में प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने जब रीना को ई.रिक्शा की चाबी सौंपी तो उनकी खुशी देखते ही बनी। रीना एवं उनके पति ने एक दूसरे को ई.रिक्शा की चाबी सौंपकर आपस में खुशियां बाँटी। रीना बताती हैं कि मुझे व मेरे पति दोनों को ऑटो रिक्शा चलाना आता है। अब कभी मैं खुद तो कभी वो रिक्शा चलायेंगे। जाहिर है घर की आमदनी भी बढ़ेगी।

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