चीन ने किया हाइपरसोनिक एयरक्राफ्ट किया टेस्ट, एटमी हथियार ले जाने में सक्षम

बीजिंग. चीन ने अपने पहले हाइपरसोनिक एयरक्राफ्ट का सोमवार को कामयाब परीक्षण किया और उसका दावा है कि यह विमान परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और साथ ही वर्तमान पीढ़ी के सभी एंटी मिसाइल सिस्टम को ध्वस्त कर सकता है इसकी मिसाइल दागने की रेंज 5500 किमी है । यानी इस विमान से दागी जाने वाली मिसाइलों की दायरे में मुंबई, चेन्नई और रूस की राजधानी मास्को और यूरोप के कई देशों सहित आधी दुनिया आ सकती है। अमेरिका और रूस भी इस तरह के विमान का परीक्षण कर चुके हैं। हालांकि उन्हें इसमें कामयाबी नहीं मिली है।
चीन की एकेडमी ऑफ एयरोस्पेस एयरोडायनामिक्स (सीएएए) ने बयान दिया है कि शुक्रवार को उत्तर पश्चिमी चीन की चिन्हित रेंज में जिंगकॉन्ग -2 या स्टारी स्काई-2 (फिलहाल नाम तय नहीं किया गया है) को लांच नहीं किया गया है इसमे मल्टी स्टेज रॉकेट से छोड़ा गया। लांचिंग के 10 मिनट के बाद यह रॉकेट से हवा में अलग होकर स्वयं उड़ता रहा और तय इलाके में लैंड हो गया ।
30 किमी की हाइट पर उड़ा
स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस एयरक्राफ्ट को वेवराइडर नाम भी दिया जा रहा है। परीक्षण के दौरान यह विमान 30किमी की ऊंचाई तक उड़ा। इस हाइपरसोनिक एयरक्राफ्ट का डिजाइन सीएएए ने चीन के एयरोस्पेस साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी कार्पोरेशन के साथ मिलकर तैयार किया गया है।
शॉक वेव पर चलता है यह विमान
विशेषज्ञों के अनुसार, यह विमान शॉक वेव पर चलता है। सेना में भेजने से पहले इसके कई परीक्षण किए जाएंगे। उनका कहना है, वर्तमान एंटी मिसाइल सिस्टम क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए तैयार किए गए हैं, लेकिन चीन का नया हाइपरसोनिक विमान अपनी तेजी ने इन सिस्टम को ध्वस्त कर सकता है। इसे किसी भी रॉकेट से लॉन्च किया जा सकता है।
अमेरिका और रूस की तरह तैयार हो रहा चीन
एक्सपर्टो का मानना है कि इस प्रयोस से साबित हो रहा है कि अमेरिका और रूस की तर्ज पर चीन स्वयं को तैयार कर रहा है चीन ने इस वर्ष 175 अरब डॉलर (12 लाख करोड़ रूपये) का रक्षा बजट पेश किया गया है और वह अमेरिका, रूस और यूरोपीय संघ के बराबरी के लिये काफी तैयार कर रहा है।

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