भारत को रक्षा उत्पादन हब बनाने की तैयारी में हैं पीएम नरेन्द्र मोदी

नई दिल्ली. पीएम नरेन्द्र मोदी की सरकार लड़ाकू विमान और बड़े रक्षा उपकरण तैयार करने वाले दुनिया के शीर्ष 5 देशों की सूची में शामिल होने के लिये महत्वपूर्ण पॉलिसी तैयारी कर रही है। रक्ष ामंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि पॉलिसी का खाका तैयार होने पर इसे कैबिनेट के सामने रखा जायेगा। इसके अगले महीने जारी होने की संभावना है। इसके माध्यम से सरकार 2025 तक सैन्य उपकरणों और सेवाओं के टर्नओवर को 1 लाख 70 हजार करोड़ रूपये तक बढ़ाना चाहती है।
डिफेंस प्रोडक्शन पॉलिसी ;डीपीपी.2018द्ध के तहत सरकार का जोर लड़ाकू विमान, हमलावर हेलिकॉप्टर समेत बड़े हथियारों को देश में बनाने के लिए पर्याप्त संसाधन और तकनीक जुटाना है। ताकि वह अपनी और मित्र देशों की सैन्य जरूरतें पूरी कर सके। भारत छह दशकों से सैन्य उपकरणों को आयात कर रहा है।
डीपीपी में खरीद प्रकिया आसान और सरल होगी
आंकड़ों के अनुसार भारत ने 4 वर्षो में सैन्य उपकरणों और हथियारों के लिये देशी विदेशी कंपनियों से 2.40 लाख करोड़ रूप्ंाये की कीमत के लगभग 187 समझौते किये हैं। हालांकि इन में से अधिकतर अटके हुए हैं । नई नीति में रक्षा सामग्री की खरीद प्रक्रिया को सरल और आसान बनाया जायेगा। साथ ही प्रोजेक्ट में उन मंजूरियों को कम किया जायेगा, जिनसे प्रोजेक्ट में देरी होती है।
हथियारों का भारत सबसे बड़ा आयातक है
स्वीडन के थिंक टैंक ने रिपोर्ट में कहा था कि मौजूदा हालातों में भारत मिलिट्री हार्डवेयर का सबसे बड़ा आयातक है। 2004-8 के मुकाबले पिछले 5 वर्षो में भारत ने 111प्रतिशत अधिक हथियार आयात किये हैं।

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