अलवर मॉब लिंचिंग कैस में विधायक का आरोप पुलिस की मार से हुई अकबर की मौत

जयपुर. राजस्थान में अलवर के रामगढ़ में शुक्रवार की रात मॉब लिचिंग के कथित मामले में अब दूसरी कहानी सामने आ रही है। रामगढ़ के बीजेवी विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने अकबर खान की मौत के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि उसने गलत लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले की सूचना देने वाले ने भी पुलिस कार्यवाही पर सवाल उठाया है। नवल किशोर नामक इसी व्यक्ति ने पुलिस को घटना की सूचना दी थी और वह पूरे समय पुलिस के साथ ही था। वहीं मेव समाज ने पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।
पुलिस की कहानी
अलवर के रामगढ़ में शुक्रवार की रात गो तस्करी के मामले में भीड़ द्वारा अकबर खान की मौत की बात सामने आई थी। पुलिस ने अब तक 3 लोगों को गिरफ्तार भी किया है। पुलिस के अनुसार रात को कुछ लोगों द्वारा 2 लोगों के साथ मारपीट की सूचना मिली थी। पुलिस वहां पहुंची और 2 गायों के साथ एक व्यक्ति घायल मिला। पुलिस उसे अस्पताल ले गई और रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। अस्पताल में डॉक्टरों ने अकबर खान को मृत घोषित कर दिया।
विधायक का तर्क
रामगढ़ विधायक ज्ञानदेव आहूजा का आरोप है कि पुलिस रात लगभग 1 बजे घटनास्थल पर पहुंची और अकबर को 4 बजे अस्पताल ले जाया गया। ऐसे में 3 घंटे अकबर कहां रहा, यदि वह घायल था तो पुलिस को उसे तुरंत अस्पताल ले जाती। रामगढ़ का अस्पताल घटनास्थल के पास ही है जबकि अलवर अस्पताल 24 किमी दूर है। आहूजा आरोप है कि पुलिस ने आरोपित की जमकर पिटाई की। इससे जनता को विश्वास हो कि पुलिस गो तस्करों के खिलाफ कार्यवाही को लेकर सख्ती बरत रही है। पिटाई के दौरान अकबर को गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हुई है।
सूचना देने वाले का आरोप
घटना की सूचना देने वाले नवल किशोर ने भी मीडिया से बातचीत में कहा है कि वह खुद पुलिस के साथ गया था। पुलिस ने एफआईआर में भी लिखा है कि नवल ने हमें सूचना दी। उसने बताया कि पुलिस अकबर को थाने ले गई। उसके बाद उसे नहलाया और जिस धर्मेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार किया है उसी से कपड़े मंगवाए। थाने में कपड़े बदले गए। नवल किशोर का कहना है कि यदि अकबर घायल था तो पुलिस को पहले उसे अस्पताल ले जाना चाहिए था क्योंकि अस्पताल घटनास्थल से सिर्फ 4 किमी दूर है जबकि पुलिस उसे 4 बजे अस्पताल ले गई है।
नवल ने खुलकर आरोप लगाया कि पुलिस ने अकबर को 2-3 बार पीटा है और पुलिस कस्टडी में ही उसकी मौत हुई है। जिन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है उन्होंने तो पुलिस की मदद की थी।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*