पूरे देश में एक अगस्त से एक ही एमआरपी पर मिलेगा सामान

मुंबई. पूरे देश में आगामी एक अगस्त से हर वस्तु एक समान मूल्य पर बिकेंगी। यानी शहर या राज्य बदलने पर आपको एक ही वस्तु अलग अलग दाम में नहीं बिकेगी। शुक्रवार को महाराष्ट्र के खाद्य व आपूर्ति विभाग राज्यमंत्री रवींद्र चव्हाण ने विधान परिषद में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने एक अगस्त से पूरे देश में एक ही एमआरपी (मैक्सिमम रिटेल प्रॉइज) पर वस्तुओं को बेचने संबंधी कानून लागू करने का निर्णय लिया है।
इसके साथ ही मल्टीप्लेक्स थिएटरों में भी वस्तुओं की कीमतें एक समान हो जाएगी। चव्हाण विधान परिषद में राज्य के विभिन्न शहरों के मल्टीप्लेक्स में ज्यादा कीमत पर बेचे जा रही खाद्य पदार्थें के सवाल के जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि फिल्म देखने के शौकीन लोगों को अब बाहर से खाद्य पदार्थ ले जाने पर कोई मनाही नहीं है। यदि कोई ऐसा प्रतिबंध लगाता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
गृह मंत्रालय इससे संबंधित नीति 6 सप्ताह में तैयार कर लेगा। उन्होंने कहा कि आगे से देश में एक वस्तु की एमआरपी अलग अलग नहीं होगी। एक अगस्त से इस संबंध में केंद्र का कानून लागू होगा। इस कानून के लागू होने के बाद अलग अलग दरों पर मॉल मल्टीप्लेक्स में खाद्य पदार्थ की बिक्री नहीं हो सकेगी। विधानपरिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने फूड मॉल और मल्टीप्लेक्स में खाद्य पदार्थों की छपी कीमत से अधिक दर पर बेचे जाने का मामला उठाया था। इसके जवाब में राज्यमंत्री चव्हाण ने कहा कि सरकार नीतियों में जल्द ही बदलाव करने जा रही है।
मॉनीटरिंग करेगी सरकार
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने अधिकारियों को एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। पासवान ने एमआरपी से अधिक मूल्य पर सामान बेचने तथा जबरन सर्विस चार्ज वसूलने के मामलों के बारे में सरकार को सूचित करने के साथ साथ जनता को जागरूक बनाने के लिए उपभेक्ता संगठनों का आह्वान किया है। विभिन्न उपभोक्ता संगठनों को सर्विस चार्ज के मामले में जागरूकता फैलाने व सुधारात्मक कार्यवाही करने के लिए विभाग की जानकारी में लाने के लिए कहा गया है। पासवान ने पिछले साल ही बोतलबंद पानी, कोल्ड ड्रिंक के लिए एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने वाले होटल, रेस्त्रां और मल्टीप्लेक्स के विरूद्ध कार्रवाई करने का एलान कर दिया था।
इस संबंध में लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट की धारा 36 में उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध पहली बार में 25 हजार रुपए तथा दूसरी बार में 50 हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। तीसरी बार पकड़े जाने पर एक लाख रुपए के जुर्माने अथवा एक साल कैद की सजा हो सकती है।
एमआरपी में ही शामिल होता है जीएसटी
किसी भी वस्तु या सेवा की एमआरपी में सभी तरह के टैक्स शामिल होते हैं। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि यदि कोई भी दुकानदार या सेवाप्रदाता आपसे एमआरपी के ऊपर जीएसटी चार्ज करता है तो यह गलत है।

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