जयारोग्य चिकित्सालय के डॉक्टर एक अगस्त से बंद कर देंगे काम

ग्वालियर. अंचल के सबसे बड़े अस्पताल में इलाज थम सकता है। नर्सेस और पैरामेडि़कल स्टाफ द्वारा बेमियादी हड़ताल पर जाने के एलान के बाद अब चिकित्सा शिक्षक भी शासन से उखड़ गए है। लगातार आशवासन के बाद भी उसे पूरा नहीं करने से नाराज चिकित्सा शिक्षक भी अब हड़ताल की राह अपना सकते है। चिकित्सा शिक्षकों की संस्था मेडिकल टीचर एसोसिएशन (एमटीए) ने इस बात का संकेत दे दिया है। एमटीए ने सीएम शिवराज सिंह चौहान के नाम जीआर मेडिकल कॉलेज डीन. डॉ. एसएन अयंगर को दिए ज्ञापन में अपनी इच्छा बता दी है। 6 सूत्रीय मांगों को पूरा करने के लिए अब एमटीए ने शासन को 2 हफ्ते का समय दिया है। इस दरमियान अगर शासन द्वारा मांगे पूरी नहीं की जाती है तो एक अगस्त से जयारोग्य अस्पताल के डॉक्टर भी हड़ताल की घोषणा कर सकते है। अहम बात यह है कि ज्ञापन में साफतौर पर कहा गया है कि मांगे पूरी नहीं होने पर अगर कोई असंतोष उपजा तो इसका जिम्मेदार सीधे तौर पर शासन होगा।
23 से नर्सेस हड़ताल पर
7वे वेतनमान को लेकर जेएएच की 450 नर्सेस और 150 पैरामेडिकल स्टाफ 23 जुलाई से बेमियादी हड़ताल चले जाएगें। हड़ताल पर जाने से अस्पताल में इलाज का संकट पैदा होगा। व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए चिकित्सकों की मदद ली जाएगी लेकिन चिकित्सक भी हड़ताल पर चले गए तो मरीजों को अस्पताल छोड़कर जाना पड़ सकता है।
यह है एमटीए की मांग
चिकित्सा शिक्षकों को 7वां वेतनमान आयोग के अनुसार निर्धारण किया जाए।
डेसिग्नेट प्राध्यापक और सह प्राध्यापकों को प्राध्यापक एवं सह प्राध्यापक के अनुसार वेतन व अन्य लाभ का निर्धारण किया जाए।
चिकित्सा शिक्षकों को 2013 के लंबित समयमान वेतन, समयबद्ध वेतन दिया जाए।
आदर्श भर्ती नियम 2018 के अनुसार पूर्व से संचालित मेडिकल कॉलेज में पदोन्नति के पद पर हो रही सीधी भर्ती रोकी जाए।
चिकित्सा शिक्षकों के लिए एनपीएस लागू किया जाए।
चिकित्सा शिक्षकों की मर्जी के बगैर प्रतिनियुक्ति पर भेजकर दूसरे मेडिकल कॉलेज में ट्रांसर्फर न किया जाए।

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