3415.3 करोड की नर्मदा और लिंक सिंचाई योजना का भूमिपूजन, 187 गांवों की एक लाख हेक्टेयर जमीन की होगी सिंचाई

भोपाल/सीहोर. सीएम शिवराज सिंह चौहान आज सीहोर में माइक्रो सिंचाई योजना (नर्मदा और पार्वती लिंक संकल्प) का भूमिपूजन किया। सीएम ने सीहोर के आष्टा में किसान सम्मेलन में इस योजना का भूमिपूजन किया। नर्मदा और पार्वती लिंक के पहले और दूसरे चरण की लागत लगभग 3415.3 करोड़ रुपये है। दरअसल मुख्यमंत्री चौहान ने नर्मदा जल को शिप्रा, पार्वती और कालीसिंध नदी की कछारों में प्रवाहित करने का ऐलान किया था जिसकी अब करीब सात सालों बाद शुरूआत हो गई है।
बीमारू राज्य मिला था, समृद्ध बनाना है
सीएम शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि नर्मदा और पार्वती लिंक परियोजना की खासियत है नहर नही बनानी होगी, पाइप लाइनों में आउटलेट द्वारा किसानों को पानी दिया जाएगा। ड्रिप व स्प्रिंकलर से किसान खेत में सिंचाई कर सकेंगे।
सीएम ने कहा कि मुझे मध्यप्रदेश बीमारू राज्य के रूप में विरासत में मिला था। इसे पहले मैंने विकासशील प्रदेश बनाया आप सभी के सहयोग और सरकार के प्रयासों से मप्र आज विकसित प्रदेश है। अब हमें समृद्ध प्रदेश बनाना है। मप्र का सोयाबीन चीन को निर्यात करने के लिए हम कोशिश कर रहे हैं। इस निर्यात से मप्र के किसानों को उनके पसीने की पूरी कीमत मिल सकेगी।
ऐसी है माइक्रो सिंचाई येाजना
नर्मदा और पार्वती लिंक संकल्प के तहत पहले दो चरणों में इंदिरा सागर जलाशय से 32.04 क्यूसेक जल लगभग 295 मीटर उंचाई तक उदवहन किया जाएगा। पहले पंपिग स्टेशन का निर्माण धरमपुरी तहसील कन्नौद के पास होगा। इस पंपिंग स्टेशन से जल दूसरे तीन स्थानों पर बने पंपिग स्टेशनों से सिंगारचोली गांव आष्टा में निर्मित जंक्शन स्ट्रक्चर में डाला जाएगा।
187 गांवों की एक लाख हेक्टेयर रकबा की होगी सिंचाई
यहां से विभिन्न क्षेत्र के खेतों में पानी पहुंचाया जाएगा। योजना में सीहोर जिले की आष्टा, जावर और इछावर तहसील के करीब 187 गांवों का एक लाख हेक्टेयर रकबा सिंचित किया जा सकेगा। योजना के तहत जल उदवहन पर करीब 144 मेगावाट बिजली खपत होगी। योजना के पूरा होने के बाद एक लाख हेक्टेयर खेतों को सिंचित किया जा सकेगा।

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